जी भारत न्यूज24
वरिष्ठ पत्रकार
हम बात भारत देश की करते है और हम जिस राज्य में हम रहते हैं उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के साथ लखनऊ की बात कर रहे हैं,
उत्तर प्रदेश में खाद्य निरीक्षक फूड विभाग जो है वह सिर्फ दीपावली होली में ही जांच करते हैं, खानपान की दुकान का जबकि आज की तिथि में जो भी होटल हो मिठाई की दुकान हो अन्य कोई भी खाद्य सामग्री की दुकान हो या कोई भी खान-पान से संबंधित दुकान वहां पर जो तेल इस्तेमाल किया जाता है, बहुत ही खराब होता है क्या फूड विभाग को अभी तक यह नहीं दिखाई देता है, सिर्फ होली दिवाली में इन्हें सिर्फ जांच करना आता है, और जांच के नाम से मोटी रकम बड़ी-बड़ी दुकानों से लेते हैं यह बहुत ही भ्रष्टाचारी है। मेरी सरकार से कहना है खाद निरीक्षक बारों महीने दुकानों का निरीक्षण करें खान-पान तेल कैसा है, खोया कैसा है मैदा कैसी है उन खाद की सामग्री जो होटल में उपलब्ध है। वह क्या है कितनी शुद्धता है आप देखिए बड़े-बड़े होटल हैं बड़ी-बड़ी मिठाइयां की दुकानें हैं जहां पर तली जीजे खाने वाली मिलती है, वहां उनको आप देख लीजिए कभी तेल नहीं बदला जाता है। इस तेल के ऊपर तेल के ऊपर तेल डाल डालकर उसको जहर बना देते हैं,वही जनता खा रही है, मैने डॉक्टर से संपर्क किया इस संदर्भ में तो डॉक्टर का कहना था की जो समोसे आदि पूड़ी पराठे अन्य जो भी खान-पान के संबंधित जो चीज बनती हैं जो तेल इस्तेमाल किया जाता है वह तेल बार-बार उसी में मिलाते हुए इस्तेमाल किया जाता है उपयोग करने पर वह कैंसर पैदा करता है,आज कैंसरों की स्थिति अधिक बढ़ने का मुख्य कारण यही है। खानपान इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और मेरा मानना है की होली दिवाली में ही खाद्य विभाग खाद निरीक्षक एक्टिव ना हो बारों महीने एक्टिव रहे और दुकानों में जाकर निष्पक्षता के साथ जांच करें और जो गलत है उनको दंडित करें और यह धनउगाई वाला काम बंद करें, अगर प्रदेश को स्वस्थ रखना है देश को स्वस्थ रखना है तो ईमानदारी के साथ जांच करें क्योंकि आपको वेतन सरकार देती है और आप खाद निरीक्षक के नाम से दुकानों की जांच करते हैं परंतु आप जांच के नाम से धनउगाई कर रहे हैं यह गलत है। मेरा सरकार से निवेदन है जो भी दुकान खाद्य सामग्री की हैं उनका एक मापदंड निर्धारित किया जाए तथा समय-समय पर सभी दुकानों की खाद्य सामग्री की जांच की जाए क्योंकि आज बीमारियों का कारण सबसे अधिक बाहरी खाना जो मिलावट और खराब से खराब चीजों का इस्तेमाल कर लोगों को बीमार कर रहा है। और जीवन संघर्ष से जूझ रहे हैं सबसे बड़ा असर एक खानपान है,जो अधिक मिलावट का कारण बनता जा रहा है बीमारियों का, इस पर अंकुश लगाना आवश्यक है।
देवेश प्रताप सिंह राठौर ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




