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झांसी | उत्तर प्रदेश
ब्यूरो रिपोर्ट: देवेश प्रताप सिंह राठौर
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र, विशेषकर झांसी जनपद में बिजली की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भीषण गर्मी के बीच रात-रात भर बिजली गायब रहती है और दिन भर कटौती का सिलसिला जारी रहता है। लेकिन जब इस समस्या को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उनका जवाब न केवल गैर-जिम्मेदाराना था, बल्कि आम जनता की तकलीफों का उपहास उड़ाने वाला भी था।
“मेरे घर लाइट आ रही है, बाकी जगह का पता नहीं”
झांसी के अधिशासी अभियंता (EXEN) से जब मोबाइल नंबर 09415909540 पर बिजली कटौती की शिकायत की गई, तो उन्होंने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। अधिकारी का कहना था कि— “सब जगह लाइट आ रही है, क्योंकि मेरे घर तो बिजली आ रही है।”
हैरानी की बात यह है कि जिन अधिकारियों के पास 24 घंटे बैकअप और जनरेटर की सुविधाएं हैं, उन्हें यह तक पता नहीं चल पाता कि बिजली लाइन से आ रही है या वैकल्पिक व्यवस्था से। ऐसे में उन्हें आम जनता की परेशानियों का एहसास कैसे होगा, जो उमस भरी गर्मी में बिना बिजली के रातें काट रही है?
सीयूजी (CUG) नंबर रहते हैं स्विच ऑफ
जनता की शिकायत यह भी है कि जनपद के बिजली विभाग के लगभग सभी वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी सीयूजी नंबर अक्सर स्विच ऑफ मिलते हैं। जब अधिकारी फोन उठाना या जनता से बात करना ही उचित नहीं समझते, तो शिकायतों का निवारण कैसे होगा? अधिकारियों के इस अहंकारी व्यवहार ने विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग
झांसी की जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है। लोगों का कहना है कि:
अधिकारियों के इस ‘ऊल-जलूल’ जवाब और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई हो।
जनता के प्रति जवाबदेह न होने वाले ऐसे अधिकारियों को तत्काल सार्वजनिक पद से हटाया जाए।
बुंदेलखंड की बदहाल बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
वीडियो/बाइट संदर्भ: ‘अंधेरे में शहर’ — (शहर की बदहाली को दर्शाती विजुअल्स के साथ)।
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