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उन्नाव/शुक्लागंज। गंगा ब्रिज पर आगामी दिनों में होने वाले मरम्मत कार्य को देखते हुए हजारों दैनिक रेल यात्रियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसे ध्यान में रखते हुए उन्नाव जिला दैनिक यात्री संघ ने रेल प्रशासन से यात्रियों की सहूलियत के लिए वैकल्पिक और विशेष व्यवस्था करने की पुरजोर मांग उठाई है।
संघ के जिला अध्यक्ष मुर्तजा हैदर रिजवी और विधिक सलाहकार मुज्तबा हैदर रिजवी ने उत्तर प्रदेश रेल मंडल के अधिकारी सुनील कुमार वर्मा के समक्ष यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल से 13 मई तक गंगा ब्रिज पर रेलवे स्लीपर बदलने का बेहद जरूरी कार्य प्रस्तावित है। इस अवधि के दौरान ट्रेनों का आवागमन प्रभावित होना तय है।
शुक्लागंज से लखनऊ तक चलाई जाएं मेमो ट्रेनें
यात्री संघ ने मांग की है कि जब तक गंगा ब्रिज पर स्लीपर बदलने का काम चलेगा, तब तक यात्रियों की भारी भीड़ और रोजमर्रा के सफर को देखते हुए शुक्लागंज से लखनऊ के बीच विशेष मेमो (MEMU) ट्रेनों का संचालन किया जाना चाहिए। इससे रोज दफ्तर और काम-धंधे पर जाने वाले आम नौकरीपेशा लोगों और मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना किसी देरी के समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
इन प्रमुख मांगों को लेकर भी सौंपा गया मांग पत्र:
दैनिक यात्री संघ ने मेमो ट्रेन के अलावा रेल प्रशासन के सामने यह 5 अन्य प्रमुख मांगें भी रखी हैं:
वरुणा इंटरसिटी की बहाली: कोरोना काल के समय से बंद पड़ी ट्रेन नंबर 24227/24228 (कानपुर से बनारस) वरुणा इंटरसिटी एक्सप्रेस का दोबारा संचालन जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
अयोध्या इंटरसिटी का पुनः संचालन: ट्रेन नंबर 14221/14222 (कानपुर से अयोध्या) इंटरसिटी ट्रेन को फिर से ट्रैक पर उतारा जाए, जिससे यात्रियों को धार्मिक नगरी जाने में आसानी हो।
कोच गाइडिंग डिस्प्ले की सुविधा: उन्नाव रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1, 4 और 5 पर कोच गाइडिंग डिस्प्ले सिस्टम लगाया जाए, ताकि यात्रियों को अपनी बोगी ढूंढने में भटकना न पड़े।
बंद मेमो ट्रेनें फिर चलें: कोरोना महामारी के समय से जो भी लोकल मेमो ट्रेनें बंद पड़ी हैं, उन्हें जनहित में तत्काल प्रभाव से दोबारा चालू किया जाए।
प्लेटफॉर्म पर शेड की मांग: प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर यात्रियों को धूप और बरसात से बचाने के लिए पूरे प्लेटफॉर्म पर टीन शेड लगवाने की मांग की गई है।
दैनिक यात्री संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि शुक्लागंज से लखनऊ के बीच मेमो का संचालन सुचारू रूप से होता है, तो हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होने से बच जाएगी। अब देखना यह है कि रेल प्रशासन इस पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है।




