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भिण्ड। आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सोमवार को कलेक्टर कार्यालय भिण्ड के सभागार में कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा (TL) पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित तमाम विभागों के जिला अधिकारी व्यक्तिगत और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में कलेक्टर ने जलभराव की समस्या से लेकर कुपोषण, स्वास्थ्य और शासकीय योजनाओं की प्रगति को लेकर अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए।
1. जलभराव रोकने के लिए नगरीय निकायों को सख्त निर्देश
कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) को निर्देशित किया कि बारिश शुरू होने से पहले शहर के सभी छोटे-बड़े नाले और नालियों की सघन साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था ऐसी हो जिससे बारिश के दौरान कहीं भी जल भराव की स्थिति पैदा न हो। इसके साथ ही निर्माण विभागों को निर्देश दिए गए कि प्रगतिरत (अधूरे) निर्माण कार्यों को बारिश से पहले पूरा करें, ताकि पानी की वजह से कोई नुकसान न हो।
2. कुपोषण पर कड़ाई: सही आहार न देने वाले समूह होंगे ब्लैकलिस्ट
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कुपोषण पर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य काम कुपोषण को मिटाना है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ‘सेम’ (अति कुपोषित) बच्चों की पोषण ट्रैकर से वास्तविक स्थिति की जांच करें और डॉक्टरों से कॉर्डिनेट कर उनका परीक्षण कराएं।
इसके लिए एक विशेष टीम गठित कर घर-घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की चेकिंग की जाएगी।
कलेक्टर ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि कोई स्वयं सहायता समूह बच्चों को सही और गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार नहीं दे रहा है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट (Blacklist) किया जाए।
3. सीएम हेल्पलाइन में जिला को ‘A Grade’ में लाने का लक्ष्य
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि भिण्ड जिला प्रदेश की ‘ए ग्रेड’ सूची में शामिल होकर बेहतर रैंकिंग प्राप्त कर सके। साथ ही, आवेदनों के निराकरण में संतुष्टि का स्तर (Satisfaction Level) बेहतर रखने पर जोर दिया गया।
4. जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर ने कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की भी बिंदुवार समीक्षा की:
आयुष्मान और समग्र ईकेवाईसी: 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड शत-प्रतिशत बनाने के निर्देश दिए गए। छूटे हुए लोगों की समग्र आईडी बनाकर ईकेवाईसी जल्द पूर्ण करने को कहा।
पीएम आवास योजना: सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र हितग्राही इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।
पीएम जनमन और धरती आभा योजना: 25 मई तक आयोजित होने वाले कैंपों में सभी पात्र हितग्राहियों को जोड़कर योजनाओं का लाभ दिया जाए।
श्रमिक पेंशन योजना: प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के असंगठित श्रमिकों के पंजीयन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कलेक्टर ने कृषि कल्याण वर्ष के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने तथा सीएम मॉनिट, सीएस मॉनिट और टीएल पत्रों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।




