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उन्नाव। अमृत भारत रेलवे स्टेशन परियोजना के तहत गंगाघाट रेलवे स्टेशन के पास अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है। शुक्रवार को रेलवे की टीम ने आरपीएफ, जीआरपी और गंगाघाट थाना पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान पश्चिमी क्षेत्र के दर्जनों परिवार प्रभावित हुए और स्थानीय निवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया। यह कार्रवाई सीनियर सेक्शन इंजीनियर शिव कुमार गुप्ता के निर्देश पर की गई। रेलवे प्रशासन का कहना है कि अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के आधुनिकीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए रेलवे की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पश्चिमी क्षेत्र में चिन्हित किए गए कई मकानों और अन्य निर्माणों को हटाया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने खुद को अतिक्रमणकारी मानने से इनकार किया है। उनका दावा है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से इस स्थान पर रह रहे हैं और उनके पास भूमि की रजिस्ट्री, बिजली-पानी के कनेक्शन सहित अन्य वैध दस्तावेज मौजूद हैं। निवासियों के अनुसार, इतने लंबे समय तक रेलवे ने कभी इस भूमि को लेकर आपत्ति नहीं जताई थी, लेकिन अब उन्हें अचानक अवैध कब्जेदार बताया जा रहा है। प्रभावित निवासियों में सुरेंद्र गुप्ता, अजय, रोहित, रिंकू साहू, किशन गुप्ता, बाल मुकुंद, जितेंद्र, रवि वर्मा और सूरज साहू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना बचपन, युवावस्था और बुढ़ापा इसी इलाके में बिताया है। वर्षों की मेहनत और पूंजी लगाकर उन्होंने यहां पक्के मकान बनाए थे, जो अब एक झटके में उजड़ते दिख रहे हैं। निवासियों का तर्क है कि यदि यह जमीन वास्तव में रेलवे की थी, तो प्रशासन को दशकों पहले ही स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। प्रभावित परिवारों ने यह भी शिकायत की है कि अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान उन्हें किसी प्रकार का वैकल्पिक इंतजाम या पुनर्वास की सुविधा नहीं दी गई है। लोगों ने सरकार और रेलवे प्रशासन से मांग की है कि यदि उन्हें हटाया जा रहा है, तो पुनर्वास योजना के तहत उन्हें वैकल्पिक भूमि या आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके परिवार सड़क पर आने से बच सकें। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। गौरतलब है कि इससे पहले भी अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत पिछले वर्ष राजीव नगर खंती क्षेत्र में रेलवे प्रशासन द्वारा लगभग डेढ़ सौ अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया था। उस कार्रवाई के बाद से ही स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है और परियोजना के पूर्ण होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। फिलहाल, पश्चिमी क्षेत्र के प्रभावित परिवार असमंजस और चिंता के दौर से गुजर रहे हैं। एक ओर रेलवे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर वर्षों से बसे परिवार अपने आशियाने बचाने और पुनर्वास की मांग को लेकर संघर्ष की तैयारी में जुटते नजर आ रहे हैं।




