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उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा की एक कार्यकर्ता ने गांव के ही एक युवक पर छेड़छाड़, बेरहमी से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का हाथ इस हमले में फ्रैक्चर हो गया है, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। स्थानीय पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से परेशान होकर पीड़िता ने अब सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा विवाद? (पैसे वापस मांगने पर वारदात)
गेहूं खरीदने के लिए दिए थे ₹25,000
मौरावां थाना क्षेत्र के महरानी खेड़ा गांव की रहने वाली पीड़िता के मुताबिक, उसने गांव के ही गोलू तिवारी नाम के युवक को गेहूं खरीदने के लिए 25 हजार रुपये दिए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब आरोपी ने पैसे वापस नहीं किए, तो पीड़िता ने अपने रुपयों की मांग की।
पैसे देने के बहाने घर बुलाकर बंद किया दरवाजा:
आरोप है कि बीते 28 मई 2026 को आरोपी गोलू तिवारी ने रुपये वापस करने के बहाने महिला को अपने घर बुलाया। जैसे ही महिला उसके घर पहुंची, आरोपी ने घर का अंदरूनी दरवाजा बंद कर लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें (छेड़छाड़) व मारपीट शुरू कर दी।
शोर मचाने पर दौड़े ग्रामीण, पीड़िता का हाथ फ्रैक्चर
महिला द्वारा हिम्मत दिखाकर डटकर विरोध करने और शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों को आता देख आरोपी वहां से हट गया, जिससे महिला की जान बच सकी।
अस्पताल में इलाज जारी:
इस बर्बरतापूर्ण मारपीट के कारण पीड़िता का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया है। पीड़िता को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार चल रहा है।
कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद से आरोपी उसे लगातार धमका रहा है। आरोपी ने कहा है कि यदि इस घटना के बारे में किसी को भी बताया या पुलिस में शिकायत की, तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
पीड़िता ने बताया कि उसने इस पूरी घटना की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस से की है, लेकिन सत्ताधारी दल की कार्यकर्ता होने के बावजूद अभी तक मामले में कोई ठोस या सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिसिया ढिलाई और दबंग की धमकियों से परेशान होकर अब महिला ने मुख्यमंत्री से मामले में सीधे हस्तक्षेप कर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का पक्ष
इस पूरे मामले में अभी तक मौरावां थाना पुलिस या किसी वरिष्ठ अधिकारी का कोई आधिकारिक बयान (बाइट) सामने नहीं आया है। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




