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भिंड/ग्वालियर:
मध्य प्रदेश के चंबल अंचल से एक बार फिर खेल जगत के लिए गर्व और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। व्हीलचेयर रग्बी के प्रतिभावान दिव्यांग खिलाड़ी सीताराम (पुत्र रामलाल), जो मूल रूप से जिला भिंड के ग्राम गुहारा (पोस्ट जमदारा, तहसील मऊ) के रहने वाले हैं, का चयन जापान में आयोजित होने वाली ‘एशियन व्हीलचेयर रग्बी चैंपियनशिप 2026’ के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में हुआ है।
लेकिन इस ऐतिहासिक सफलता के बीच, एक बड़ी मजबूरी उनके आड़े आ रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें एक विशेष एक्टिव स्पोर्ट्स व्हीलचेयर की आवश्यकता है, जिसे खरीदने में उनका परिवार असमर्थ है।
जापान में फहराएंगे तिरंगा, राष्ट्रीय टीम में चयन
व्हीलचेयर रग्बी फेडरेशन ऑफ इंडिया (WRFI) के आधिकारिक पत्र के अनुसार, भारतीय व्हीलचेयर रग्बी टीम ने इंडोनेशिया के बाली में आयोजित एशिया रीजनल चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर ‘पैरा एशियन गेम्स 2026’ (Aichi-Nagoya, Japan) के लिए क्वालीफाई किया है। राष्ट्रीय स्तर पर देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टिदिव्यांगजन संस्थान (NIVH) में हुए चयन ट्रायल में सीताराम ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की है।
₹1,50,000 की व्हीलचेयर के लिए भटकने को मजबूर
व्हीलचेयर रग्बी एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश के अध्यक्ष ओ.पी. दीक्षित द्वारा जारी पत्र के मुताबिक, सीताराम एक बेहद कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं। रग्बी जैसे हाई-इम्पैक्ट और तेज गति वाले खेल के लिए विशेष रूप से कस्टमाइज्ड, मजबूत और अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली स्पोर्ट्स व्हीलचेयर की जरूरत होती है।
लागत और चुनौती: इस विशेष व्हीलचेयर की अनुमानित लागत करीब 1,50,000 रुपये (लगभग 1,200 USD) है, जिसका कोटेशन थाईलैंड की एक निर्माता कंपनी द्वारा जारी किया गया है । ये व्हीलचेयर भारत में नहीं बनतीं, इन्हें सीधे थाईलैंड से इंपोर्ट करना पड़ता है।
समय सीमा की कमी: खिलाड़ियों के शरीर की सटीक नाप के अनुसार बनने वाली इस व्हीलचेयर का ऑर्डर देने की अंतिम तिथि बेहद नजदीक थी। आर्थिक तंगी के कारण सीताराम इसे स्वयं खरीद पाने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
एसोसिएशन और खिलाड़ी ने की आर्थिक सहायता की अपील
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) खिलाड़ियों के कैंप और खान-पान का सहयोग तो कर रही हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्पोर्ट्स गियर की जिम्मेदारी खिलाड़ियों पर है। ऐसे में व्हीलचेयर रग्बी एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश और स्वयं खिलाड़ी सीताराम ने समाज के दानदाताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और खेल प्रेमियों से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है ताकि चंबल का यह बेटा जापान की धरती पर भारत का गौरव बढ़ा सके।
खिलाड़ी का विवरण:
नाम: सीताराम (पुत्र श्री रामलाल)
निवासी: ग्राम गुहारा, पोस्ट जमदारा, तहसील मऊ, जिला भिंड (म.प्र.)
मोबाइल नंबर: 7987273434




