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पंकज त्रिपाठी
श्री चौरडिया ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में निष्पक्ष जाँच कराकर दोषियों को सजा दिलाने की,की मांग
इंदौर । मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व अवधेश प्रतापसिंह विश्वविद्यालय रीवा एवं राजीव गांधी प्रोधोगिकी विश्वविद्यालय भोपाल के पूर्व कार्यपरिषद सदस्य अजय चौरडिया ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कहा है,कि वह देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर के छात्र रहे हैं । श्री चौरडिया ने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का छात्र होने के नाते,मेरा उस से एक भावनात्मक लगाव है। वर्तमान में जो कुछ विश्वविद्यालय में चल रहा है,उससे मेरे क्षोभ का बांध टूट गया है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय,इन्दौर की एम.बी.ए. (फुल टाईम) पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएँ दिनांक 21/05/2024 से प्रारंभ हुई हैं । परीक्षाएँ प्रारंभ होने के बाद लगातार अलग – अलग समाचार माध्यमों से उक्त परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों के परीक्षा होने के एक रात पहले ही पेपर लीक होने के समाचार आ रहे हैं,जिससे विश्वविद्यालय की साख पर बट्टा लग रहा है और विश्वविद्यालय प्रबंधन भी सवालों के घेरे में हैं।
श्री चौरडिया ने कहा कि उक्त प्रकरण में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में शुमार देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर द्वारा आज तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है । केवल एक आंतरिक जॉच समिति का गठन कर दिया गया है,इससे ऐसा प्रतीत होता है,कि देश का ए प्लस ग्रेड देवी अहिल्या विश्वविद्यालय,इन्दौर पेपर लीक प्रकरण पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है एवं दोषियों को संरक्षण दे रहा है। श्री चौरडिया ने मुख्यमंत्री से उक्त प्रकरण में तत्काल राज्य शासन द्वारा एक उच्च स्तरीय जाँच समिति का गठन कर,निष्पक्ष जाँच करवाने एवं दोषियों को सजा दिलवाई जाये एवं जाँच पूर्ण होने तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय,इन्दौर की कुलगुरू महोदया और कुलसचिव को तत्काल प्रभाव से अवकाश पर भेजकर जाँच करवायी जाये,जिससे जाँच प्रभावित न हो




