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उन्नाव (उत्तर प्रदेश)।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला जेल से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहाँ जेल में बंद एक आरोपी की बुधवार को इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने पुलिस कस्टडी में बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर शव रखकर सड़क जाम कर दी और जमकर हंगामा काटा।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला आसीवन थाना क्षेत्र का है। बीते 21 जून को क्षेत्र के बेगमनगर रसूलाबाद निवासी शाहरुख अहमद नामक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने नुरुल्लानगर निवासी शफीक अहमद के खिलाफ जानलेवा हमले का एक मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि शफीक और उसके बेटे आदिल ने अनस नाम के एक युवक पर धारदार हथियार से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया था।
इसी मामले में कार्रवाई करते हुए आसीवन थाना पुलिस ने आरोपी शफीक अहमद को गिरफ्तार किया था और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बीते मंगलवार को उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया था।
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
जेल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर को जेल के अंदर अचानक शफीक अहमद की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में जेल कर्मियों द्वारा उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप— ‘पुलिसिया पिटाई ने ली जान’
जैसे ही शफीक की मौत की खबर उसके परिवार तक पहुंची, कोहराम मच गया। भारी संख्या में परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का सीधा और संगीन आरोप है कि:
पुलिस हिरासत के दौरान शफीक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
पुलिस की इसी थर्ड डिग्री और पिटाई के कारण उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई।
नाराज परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर जिला अस्पताल के गेट के बाहर ही शव को सड़क पर रख दिया और आवागमन ठप कर दिया। परिजनों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो।
प्रशासनिक अमला मौके पर, जांच का भरोसा
हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
जेल प्रशासन और पुलिस का पक्ष:
जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि आरोपी को मंगलवार की शाम को ही जेल में दाखिल किया गया था। बुधवार को अचानक उसकी तबीयत खराब होने पर उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया था। इस पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
आसीवन थाना प्रभारी प्रदीप सिंह के मुताबिक, आरोपी को हमले के मामले में नियमानुसार गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था। मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। परिजनों द्वारा पुलिस पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी भी पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी।




