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उन्नाव। इसे रसूख कहा जाए या जुगाड़ या कुछ और गंगाघाट कोतवाली में “आकाश तोमर वा सुमित चौधरी” कई वर्षों से सिपाही जमे हुए हैं। जबकि नियम कहता है कि तीन साल या उससे अधिक कोई भी सिपाही या दारोगा एक ही थाने पर नहीं रह सकता है। पूर्व में आइजी ने भी 3 वर्ष से अधिक कोतवाली व थाने में सिपाहियों की पहचान कर उन्हें स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों के कृपा पात्र है दोनों सिपाही, गंगाघाट कोतवाली में तैनात सिपाही “आकाश तोमर वा सुमित चौधरी”कई वर्षों से ये सिपाही गंगाघाट कोतवाली में डेरा जमाए हुए हैं।
विभागीय सूत्रों: की मानें तो दोनों सिपाही आकाश तोमर वा सुमित चौधरी जुगाड़ से तबादला रुकवा लेते है। लंबे समय से एक ही थाने पर तैनात सिपाहियों की पहचान की जाए तो “आकाश तोमर व सुमित चौधरी” दोनो का नाम होगा ।
तैनाती:-
*आकाश तोमर- 29मई 2021*
*सुमित चौधरी- 29मई 2021*
*उदाहरण:-*
लंबे समय से एक ही कोतवाली वा थाने में जमे सिपाहियों का कारण अपराधिक गठजोड़ मजबूत हो जाता है।
ऐसे में बेहतर पुलिस व्यवस्था में बाधा भी आती है यही वजह है कि लंबे समय से तैनात सिपाहियों के तबादले दूसरे कोतवाली व थाने में कर दिए जाते हैं।




