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झांसी, उत्तर प्रदेश | 29 जून 2026
मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (BU) के नाम एक ऐतिहासिक मील का पत्थर जुड़ गया है। विश्वविद्यालय के भास्कर इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज्म (BIMCJ) ने प्रतिष्ठित ‘इंडिया टुडे-एमडीआरए बेस्ट कॉलेजेस रैंकिंग 2026’ में पहली बार भाग लेते हुए देशव्यापी पहचान हासिल की है।
संस्थान ने (स्नातक) मास कम्यूनिकेशन/जर्नलिज्म कैटेगरी में देश भर में 42वीं रैंक हासिल करते हुए शीर्ष 50 में अपनी जगह बनाई है। इस अभूतपूर्व सफलता के साथ ही यह संस्थान आईआईएमसी (नई दिल्ली), सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी और मनिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्यूनिकेशन (MAHE) जैसे देश के शीर्ष व एलीट मीडिया संस्थानों की कतार में खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश में भी इस संस्थान ने शीर्ष पांच में अपना स्थान पक्का किया है।
कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा- “यह हमारी सही रणनीति का प्रमाण”
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने इस बड़ी सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा:
“राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पायदान पर यह शानदार एंट्री हमारे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता के बदलते प्रतिमान का प्रमाण है। बीआईएमसीजे की इस बेहतरीन शुरुआत ने साबित कर दिया है कि यदि प्रतिबद्धता और सही रणनीति के साथ काम किया जाए, तो हमारे विभाग राष्ट्रीय स्तर पर गौरव हासिल कर सकते हैं।”
वहीं, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (IQAC) के निदेशक प्रो. सुनील कुमार काबिया ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपने पहले ही प्रयास में 42वीं रैंक सुरक्षित करना एक असाधारण उपलब्धि है। यह संस्थान के अन्य सभी विभागाध्यक्षों (HODs) के लिए भी एक बेहतरीन प्रेरणास्रोत बनेगा।
कड़े और व्यापक मूल्यांकन के बाद मिली सफलता
यह रैंकिंग इंडिया टुडे के बेहद कड़े और व्यापक मापदंडों के आधार पर तैयार की जाती है, जिसमें 65 प्रतिशत प्रामाणिक डेटा और 35 प्रतिशत देशव्यापी सर्वे को शामिल किया जाता है। भास्कर इंस्टीट्यूट को इन प्रमुख बिंदुओं के आधार पर परखा गया:
संस्थान की प्रोफाइल, वैधानिक मान्यता और उच्च शिक्षित व पीएचडी-धारक संकाय (Faculty) की गुणवत्ता।
आधुनिक डिजिटल मीडिया लैब्स, स्टूडियो और स्मार्ट क्लासरूम जैसा बुनियादी ढांचा।
छात्रों का मीडिया इंडस्ट्री व इन-हाउस इंटर्नशिप जुड़ाव और बेहतरीन प्लेसमेंट (ROI)।
देश भर के मीडिया विशेषज्ञों व रिक्रूटर्स के बीच संस्थान की शानदार साख।
समर्पित टीम की दिन-रात की मेहनत का परिणाम
संस्थान के समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी ने इस राष्ट्रीय पहचान का श्रेय अपनी टीम को देते हुए कहा, “यह सफलता हमारी समर्पित टीम के अथक प्रयासों और दिन-रात की गई कड़ी मेहनत का सीधा परिणाम है। मैं अपने सहयोगी डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. राघवेंद्र दीक्षित और हमारे शोधार्थी (स्कॉलर) देवेंद्र व अतीत विजय को उनकी इस उत्कृष्ट मेहनत के लिए विशेष रूप से धन्यवाद और हार्दिक बधाई देता हूँ।”
इस बड़ी उपलब्धि से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय सहित पूरे झांसी और उत्तर प्रदेश के शैक्षिक जगत में हर्ष का माहौल है।
रिपोर्टर: देवेश प्रताप सिंह राठौर, झांसी (उत्तर प्रदेश)




