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देवेश प्रताप सिंह राठौर | झांसी
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में खेती-किसानी को आधुनिक और किफायती बनाने के लिए सरकार की योजनाएं धरातल पर रंग ला रही हैं। अपर कृषि निदेशक (चावल) एवं नोडल अधिकारी (पीएम कुसुम सोलर पंप) श्री एल.वी. यादव ने जनपद भ्रमण के दौरान किसानों से संवाद करते हुए कहा कि पीएम कुसुम योजना न केवल लागत कम कर रही है, बल्कि किसानों को बिजली के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बना रही है।
प्रमुख बिंदु:
आत्मनिर्भर किसान: सोलर पंप के इस्तेमाल से बिजली की निर्भरता खत्म और सिंचाई हुई आसान।
बड़ा अनुदान: योजना के तहत किसानों को सोलर पंप पर 60% तक का अनुदान दिया जा रहा है।
भविष्य का लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में सोलर पंप स्थापना का लक्ष्य बढ़ाया गया।
गौ आधारित खेती: लागत कम करने और भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती पर जोर।
क्षेत्रीय निरीक्षण और किसानों से संवाद
अपर कृषि निदेशक ने विकासखण्ड चिरगांव के ग्राम चिरगाँव (ग्रामीण) और ग्राम छिनौरा का दौरा किया। उन्होंने कृषक श्रीराम रतन कुशवाहा, श्री भगवान दास कुशवाहा और श्रीमती राजकुमारी यादव के खेतों पर स्थापित सोलर पंपों का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा:
“जब फसलों की बुवाई का समय आता है, तो बिजली की मांग बढ़ जाती है। सोलर पंप इस समस्या का स्थाई समाधान है। इससे किसान दिन के समय बिना किसी बाधा के सिंचाई कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि और मेहनत में कमी आई है।”
तकनीक और एफपीओ पर जोर
श्री यादव ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि छोटे किसान संगठित होकर FPO (कृषक उत्पादक संगठन) बनाएं। इससे उन्हें कृषि यंत्रों पर 40% से 50% तक का अनुदान आसानी से मिल सकेगा और आधुनिक मशीनों के प्रयोग से उत्पादकता बढ़ेगी।
प्राकृतिक खेती से बढ़ेगा मुनाफा
भ्रमण के दौरान ‘एन एम एन एफ’ योजना के अंतर्गत कलस्टर बछेरा और ग्राम सिमथरी का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि गौ आधारित खेती अपनाने से मिट्टी में सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या बढ़ती है, जिससे रासायनिक खाद का खर्च बचता है और मुनाफा दोगुना हो जाता है।
उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
एम.पी. सिंह (उप कृषि निदेशक)
संजय कुमार (अवर अभियंता)
रश्मि राजपूत (तकनीकी सहायक)
प्रगतिशील किसान एवं बड़ी संख्या में महिला कृषक।
संदेश: खेती में नई तकनीक अपनाएं, बिजली का बिल बचाएं और पीएम कुसुम योजना का लाभ उठाएं।




