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भिण्ड। दंदरौआ धाम में दिनांक 21 फरवरी को आयोजित आयुर्वेद एवं प्रकृति सम्मेलन अत्यंत भव्यता और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के संरक्षक परम पूज्य श्री श्री 1008 रामदास जी महाराज रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता विश्व विख्यात योगा आयुर्वेदाचार्य एवं आध्यात्मिक गुरु डॉ प्रकाश टाटा ने की तथा कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अजय भैया (राष्ट्रीय अध्यक्ष, स्वस्थ समृद्ध खुशहाल भारत मिशन), मुन्नी लाल शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानव अधिकार सेवा संगठन भारत), नमोनारायण दीक्षित (प्रदेश उपाध्यक्ष, किसान संघ), प्रमोद चौधरी (वरिष्ठ समाजसेवी), डॉ ज्योति खरका (महिला सशक्तिकरण) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अरुण द्विवेदी द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री राकेश शुक्ला जी ने कहा कि यह यात्रा ऐतिहासिक है और समाज को नई दिशा देने वाला सराहनीय कदम है।
डॉ. प्रकाश टाटा जी ने कहा कि आयुर्वेद से जटिल रोगों का उपचार संभव है, अतः आयुर्वेद पर विश्वास बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने प्रकृति संरक्षण हेतु अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
अजय भैया ने गौ-आधारित खेती को बढ़ावा देने तथा स्वदेशी एवं स्वावलंबन के महत्व पर विस्तृत जानकारी साझा की। पूज्य रामदास जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि वर्तमान समाज में बढ़ती विकृत मानसिकता को सुधारने के लिए संयमित खान-पान और नियमबद्ध जीवनशैली अत्यंत आवश्यक है। साथ ही दंदरौआ धाम में “आरोग्य वाटिका” विकसित करने की घोषणा की गई, जिससे आमजन को स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।
सम्मेलन के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु शिव शंकर चतुर्वेदी, लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी, शकुंतला तिवारी को सम्मानित किया गया।
गौ-आधारित उत्पाद निर्माण के क्षेत्र में विनीता पांडे तथा समाज सेवा के क्षेत्र में रामकुमार जादौन को सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में समाजसेवी, किसान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सम्मेलन ने आयुर्वेद, प्रकृति संरक्षण, गौ-आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वावलंबन के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का




