जी भारत न्यूज24
उन्नाव। चौधरना स्थित चौधरी सैय्यद कासिम हुसैन ज़ैदी के इमाम बारगाह में दर्स का सिलसिला 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक चलाया गया। सैय्यद कासिम हुसैन ज़ैदी के इमाम बारगाह में 8 दिनों के दीन और आग़ही के दर्स रखे गए। जिसमें तमाम लोगों ने शिरकत की, दर्स में बच्चों जवानों साहित बूढ़े लोगों ने भी पहुंच कर इल्म हासिल किया। चार दिनों के दर्स मौलाना अकील अब्बास मारूफी ने की। मौलाना ने अपने चार दिनों के दर्स में दीन की बहुत अहम बातों को लोगो तक पहुंचा और रोज़मर्रा की जिंदगी में पेश आने वाली बातों को लोगो को दीन के रास्ते से कैसे हल किया जाए जिसके बारे में बताया। जिसके बाद तीन दिनों के दर्स को मौलाना मुशाहिद आलम ने की। जिसमें इस्लाम के कानून की बातों को लोगो तक पहुंचा कर उनको कैसे अपनी जिंदगी गुजारनी चाहिए। दीन में क्या जरूरी है और क्या नहीं ज़रूरी है जिसको लेकर लोगों को बताया है। दीन में किन कामों को हराम कहा है और किन कामों को हलाल कहा है। दीन और आग़ही के दर्स की निजामत मौलाना ताज़मीन जाफरी ने की। दीन और आग़ही की सदारत मौलाना रज़ा अब्बास ने की। बता दे कि इन आठ दिनों के दर्स के बाद इम्तेहान भी रखे गए जिसमें बच्चों और बड़े लोगो ने हिस्सा लेकर इम्तेहान दिया। इम्तेहान में पहला स्थान लाने वाली फिरदौस फातमा और दूसरा स्थान लाने वाली फरहीन जाफरी तीसरा स्थान लाने वाली तूबा रिज़वी को इनाम देकर सम्मानित किया गया। साथ ही जितने बच्चों और बढ़ो ने इम्तेहान हिस्सा लिया था सभी को इनाम देकर सम्मानित किया गया। दीन और आग़ही के स्वयंसेवक में तज़ाहिर ज़ैदी, तज़मीन जाफरी, आबिद हुसैन, अमन अकबर, अयाज़ हसन, मोहम्मद अब्बास, मुराद अब्बास, मिर्ज़ा नक़ी अब्बास, तख़लीक़ जाफरी, साबीका आबदी, समीरा ज़हरा, उजमा आदि मौजूद रहें।




