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उत्तर प्रदेश लखनऊ। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश श्याम मोहन जायसवाल ने पुराने डाक टिकटों को रसायन से साफ कर दोबारा इस्तेमाल करने के तीन मुकदमों में रेलवे के ठेकेदार मेसर्स इंद्र धनुष के मालिक तरुण भोगलीवाल को सात साल की कैद तथा 1.90 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। रेलवे भर्ती के प्रवेश पत्र भेजने का ठेका तरुण को दिया गया था। भ्रष्टाचार निवारण संगठन कानपुर शाखा ने आरोपी तरुण भगोलीवाल व राजेंद्र कुमार कुरील के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। एक कानपुर तथा दो मुकदमे थाना महानगर लखनऊ में दर्ज कराए गए थे। रेलवे प्रवेश पत्रों पर लगे थे इस्तेमाल टिकटघटना की रिपोर्ट डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर प्रथम कानपुर प्रधान डाकघर श्रीराम शर्मा ने कानपुर में दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि प्रधान डाकघर कानपुर के छंटाई अनुभाग में 23, 25, 27 तथा 28 फरवरी 2006 को रेलवे भर्ती सेल उत्तर रेलवे लाजपत नगर नई दिल्ली द्वारा विभिन्न व्यक्तियों को प्रेषित की जाने वाले पत्र मिले। इनमें से काफी संख्या में पत्रों पर इस्तेमाल डाक टिकटों को रसायन से साफ करके लगाया गया था।
देवेश प्रताप सिंह राठौर,ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




