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मध्यप्रदेश सरकार की रीति नीति पर बड़ा सवाल…..
अधिकारी को बाबूओं ने बनाया मोहरा या अधिकार से बहार जा कर अधिकार दिखा गए अधिकारी………
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार में अजीबो-गरीब कारनामों की फेहरिस्त काफी लंबी है।
देवास। खिंचतान उठा-पटक और मान मनुहार से चलती इस सरकार में जहां सत्ताधारी पार्टी के विधायक ही सुनवाई नही होने से तिरछे तिरछे चल रहे हैं वहीं मंत्रीयो को ताक में रखकर अधिकारी मनमानी पर उतारू हो चुके हैं।
बरहाल ताजातरीन और बेहतरीन मामला यह है कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया डॉ.मोहन यादव ने केबिनेट की बैठक में सरकारी अधिकारी कर्मचारियों के स्थानान्तरण के लिए तबादला नीति बनाई थी तथा उस नीति के तहत ही प्रदेश भर में विभागवार तबादले किए गए लेकिन अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्य विभाग में नीति को नजर अंदाज करते हुए तबादले किए गए ।
सीधी में जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायत किए जाने पर कलेक्टर
स्वरोचिष सोमवंशी ने अपर कलेक्टर अंशुमन राज को जांच सौंपी थी।
अंशुमन राज द्वारा स्थानांतरण सम्बंधित दस्तावेज खंगाले तो गम्भीर अनियमिताएं पाई गई जिस पर से कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने लेखापाल उमाशंकर दूबे, सहायक ग्रेड दो शिवेंद्र सिंह, सहायक ग्रेड तीन विनोद पाठक को निलम्बित कर दिया सहायक आयुक्त आदिमजाति कल्याण विभाग एसएन द्विवेदी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सीधी के साथ ही देवास में भी तबादला नीति के विपरित तबादलों की गुंज गूंज उठी है।
देवास जिले के सत्तर छात्रावासों में शिक्षकों को अधिक्षक का दायित्व सौंपनें में भी अनियमिताएं बरते जाने की जानकारियां मिली हैं।
परिविक्षा अवधि वाले शिक्षकों का तबादला नही करने के निर्देशों के पालन में जिला संयोजक देवास के के शर्मा द्वारा कई परिविक्षा अवधि वाले शिक्षकों के तबादला आदेश जारी करने के साथ ही सालों से जमें अधिक्षकों कों टस से मस तक नही किया तो कुछ छात्रावासों में अधिक्षक के खाली पदों को सुरक्षित रख लिया, कुछ तबादले तो चार कदम की दूरी पर ही कर डाले जो कि कहीं ना कहीं तबादला नीति का घोर उल्लंघन होकर सरकार, सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री के मुंह पर तमाचा मारने जैसा ही है ।
पहले से बदनामी के बदनुमा दाग झेल रहे अनुसूचित जाति जनजाति कार्य विभाग देवास के जिला संयोजक कृष्ण कुमार शर्मा को टीएल बैठक में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने छात्रावासों का अनाज बहार बेचे जाने, बच्चों का रात्रि में बहार घूमने, अधिकांश अधिक्षकों का छात्रावासों में नही रहने सम्बंधित प्रमाणित शिकायतों की जांच के निर्देश दिए थे जिस पर जिला संयोजक द्वारा कलेक्टर तक को गुमराह कर शिकायती फाईलों को दफन कर देने तक की चर्चाएं विभाग और विभाग के बहार भी गर्मा रही हैं।
ऐसे में प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री,जिले के प्रभारी प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन जनजाति कार्य विभाग, आयुक्त जनजाति कार्य श्रीमन शुक्ला जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह को
इस तरह की कई विसंगतियों सहित किए गए तबादलों की बारीकी से उच्च स्तरीय जांच करा कर जनजाति कार्य विभाग में चल रही धांधलीयों पर अंकुश लगाने की तरफ कदम बढ़ाने की जरूरत है।
देवास ब्यूरो आनंद गुप्ता




