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लखनऊ/झांसी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक तरफ प्रदेश में बेहतरीन परिवहन सुविधाएं और कनेक्टिविटी देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सूबे की राजधानी लखनऊ से वीरांगना लक्ष्मीबाई की ऐतिहासिक नगरी झांसी के बीच सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए एक बेहद कड़वी और परेशान करने वाली सच्चाई सामने आई है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य जिला झांसी और राजधानी लखनऊ के बीच दोपहर 12 बजे के बाद से लेकर अगली सुबह तक कोई भी ac (Janrath) बस सेवा उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते इस भीषण गर्मी के मौसम में हजारों यात्री दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
शाम के सफर की ‘नो-एंट्री’: अवध डिपो की बस 1 साल से बंद
यात्रियों से मिली जानकारी और जमीनी पड़ताल के मुताबिक, पहले आलमबाग और चारबाग बस स्टेशन से शाम को करीब 8:00 बजे अवध डिपो की एक जनरथ (AC) बस झांसी के लिए प्रस्थान करती थी। यह बस दोनों शहरों के कामकाजी लोगों, व्यापारियों और मरीजों के लिए लाइफलाइन मानी जाती थी। लेकिन परिवहन विभाग ने पिछले एक साल से भी अधिक समय से इस महत्वपूर्ण बस सेवा को पूरी तरह बंद कर रखा है।
झांसी डिपो की जो एक-दो बसें चलती भी हैं, उनका समय पूरी तरह से दिन का है। दोपहर 12:00 बजे के बाद से पूरी रात तक लखनऊ रोडवेज बस स्टेशन से झांसी के लिए कोई ac बस नहीं मिलती।
“अधिकारियों का अजीब तर्क: सवारियां नहीं मिलतीं इसलिए बस बंद की!”
इस गंभीर विडंबना को लेकर जब पूर्व में अवध डिपो के एआरएम (ARM) से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उनका एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना तर्क सामने आया। अधिकारी का कहना था कि—”झांसी रूट पर पर्याप्त सवारियां न मिलने के कारण विभाग को घाटा हो रहा था, इसी इनकम की कमी के चलते बस को बंद करना पड़ा।”
अब सवाल यह उठता है कि क्या देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य की राजधानी से बुंदेलखंड के सबसे प्रमुख जिले के लिए सवारियां नहीं हैं? या फिर विभाग अपनी टाइमिंग और लचर व्यवस्था को सुधारने की बजाय सीधे रूट ही बंद करना ज्यादा आसान समझता है?
दोनों तरफ से जनता ब्लॉक: शाम 7 बजे के बाद झांसी से भी ac बस नहीं
परिवहन विभाग की यह लापरवाही सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है। झांसी जैसे महत्वपूर्ण और बड़े जिले से भी शाम को 7:00 बजे के बाद लखनऊ राजधानी के लिए कोई भी ac जनरथ बस सेवा मौजूद नहीं है। दोनों ओर से बसों का यह अकाल यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रहा है, क्योंकि मजबूरन लोगों को प्राइवेट टैक्सियों या डग्गामार बसों का सहारा लेना पड़ रहा है जो मनमाना किराया वसूलते हैं।
परिवहन मंत्री और सरकार से सीधी मांग
इस भीषण गर्मी में जनता की इस बेहद जरूरी और जायज मांग को उठाते हुए, देवेश प्रताप सिंह राठौर ने उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से विशेष निवेदन किया है:
प्रमुख मांग: जनता की पुरजोर मांग है कि लखनऊ के चारबाग या आलमबाग बस टर्मिनल से शाम को 7:00 बजे से रात 10:00 बजे के बीच कम से कम एक जनरथ (AC) बस सेवा तत्काल प्रभाव से दोबारा शुरू की जाए।
झांसी से भी राहत की मांग: इसी तरह झांसी से भी शाम 7 बजे के बाद लखनऊ के लिए एक सीधी एसी बस चलाई जाए ताकि यात्रियों का समय और पैसा दोनों बच सके।
अब देखना यह होगा कि क्या परिवहन विभाग और सरकार इस जनहित के मुद्दे पर संज्ञान लेकर अपनी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं, या बुंदेलखंड और राजधानी के बीच का यह सफर यूं ही अंधकार में लटका रहेगा।
उत्तर प्रदेश ब्यूरो चीफ देवेश प्रताप सिंह राठौर




