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झांसी | 22 मई 2026
झांसी जनपद में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाने और जल जीवन मिशन (JJM) के कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में आयोजित जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कहीं भी पानी की बर्बादी पाई गई, तो संबंधित कार्यदायी संस्था को न सिर्फ नोटिस जारी होगा, बल्कि भारी फाइन (जुर्माना) भी देना होगा।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने झांसी वासियों को बड़ी सौगात देते हुए बताया कि अमृत और अमृत 2.0 योजना के तहत नगर क्षेत्र को जल्द ही 195 MLD पानी की सप्लाई शुरू होने जा रही है, जिससे शहर की पेयजल किल्लत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।
लापरवाह संस्था ‘बीजीसीसी’ पर बरसे डीएम, दिया अल्टीमेटम
जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन ग्राम समूह पेयजल योजनाओं की समीक्षा की। जनपद की 10 परियोजनाओं में से 7 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष 3 पर काम चल रहा है।
समीक्षा के दौरान कार्यदायी संस्था मैसर्स बीजीसीसी प्राइवेट लिमिटेड (BGCC Pvt. Ltd.) की सुस्त प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने संस्था को इमलौटा, बरथरी और टहेरका समूह पेयजल योजना के अवशेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा कर शत-प्रतिशत रेगुलर वाटर सप्लाई शुरू करने का कड़ा लक्ष्य दिया।
टुल्लू पंप से पानी खींचने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
बैठक में यह बात सामने आई कि बबीना विकास खंड के ग्राम खैलार सहित कई इलाकों में कुछ लोग मुख्य लाइन से सीधे टुल्लू/मोटर लगाकर पानी खींच रहे हैं, जिससे पीछे के घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
“यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग मोटर लगाकर दूसरों के हक का पानी मार रहे हैं, उनके खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि टेल (आखिरी घर) तक पानी पहुंच सके।”
— गौरांग राठी, जिलाधिकारी
इसके साथ ही उन्होंने ग्राम शेखर, खैलार, तालरमन्ना और पुनांवली कला के छूटे हुए घरों में जल्द से जल्द नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़कें खोदकर छोड़ने वाली कंपनियों की अब खैर नहीं
पाइपलाइन डालने के नाम पर सड़कों को खोदकर बेहाल छोड़ने वाली एजेंसियों को डीएम ने कड़े निर्देश दिए:
खोदी गई सड़कों को मानक और पूर्ण गुणवत्ता के साथ तत्काल री-स्टोर (मरम्मत) किया जाए ताकि आम जनता को आवागमन में दिक्कत न हो।
अब से भविष्य में जब भी पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खोदी जाएगी या उसे दोबारा बनाया जाएगा, तो इसकी जानकारी पीडब्ल्यूडी (PWD) के अधिशासी अभियंता को अनिवार्य रूप से देनी होगी ताकि लोक निर्माण विभाग इसकी गुणवत्ता की जांच कर सके।
इन हॉटस्पॉट मोहल्लों में टैंकरों से होगी सप्लाई
भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के पानी की किल्लत वाले इलाकों पर 24 घंटे नजर रखी जाए।
डडियापुरा, तालपुरा, सिमरधा एवं मसीहागंज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी।
जिन मोहल्लों में पानी की किल्लत है, वहां तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के समय बिजली न कटे, इसके लिए बिजली विभाग को पानी की रोस्टर सप्लाई के अनुसार ही पावर कट का रोस्टर तैयार करने को कहा गया है।
बैठक में यह अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनबाड, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री योगेन्द्र कुमार, जल निगम के अधिशासी अभियंता श्री रणविजय सिंह सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
(रिपोर्ट: देवेश प्रताप सिंह राठौर, झांसी)




