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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ये एलान कर दिया था कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए हमलों के साज़िशकर्ता तहव्वुर राना को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा.
इसके बाद राना ने अमेरिकी अदालतों में प्रत्यर्पण को रोकने की कोशिश की थी लेकिन वह सफल नहीं रहे. इसके बाद अब उन्हें भारत लाया जा रहा है.
इस साल फ़रवरी में अमेरिका पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाक़ात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले से जुड़े राना को भारत में न्याय का सामना करना होगा.”26 नवंबर, 2008 की रात को 10 चरमपंथियों ने मुंबई की कई इमारतों पर एक साथ हमला किया था. इस हमले में 164 लोग मारे गए. कार्रवाई में नौ चरमपंथी भी मारे गए.
भारत का आरोप है कि ये चरमपंथी पाकिस्तान की धरती पर सक्रिय चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े थे. लेकिन इस हमले में अजमल कसाब बच गया, जिसे नवंबर 2012 में फांसी दे दी गई,तहव्वुर राना भारत आ गया है कड़ी सुरक्षा के बीच एनआईए टीम तहव्वुर राना से राज उगलवाएगी पाकिस्तान से इसके क्या कनेक्शन है, यह राज अब खुलेंगे,तहव्वुर राना को भारत आने का श्रेय भारतीय पार्टी की सरकार को जाता है।
देवेश प्रताप सिंह राठौर, ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




