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झांसी। मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में आज आयुक्त सभागार में विकास विभाग के कार्यों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मण्डलायुक्त ने सरकारी तंत्र को और अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अधिकारी अपने कार्यालयों में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें और उनका समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
कार्यालयों का होगा निरीक्षण, ई-ऑफिस प्रणाली पर जोर
मण्डलायुक्त ने मण्डल के सभी उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ (निचले) कार्यालयों में विभागीय योजनाओं की प्रगति और पत्रावलियों (फ़ाइलों) के रख-रखाव का खुद निरीक्षण करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
इसके साथ ही उन्होंने आबकारी, खाद्य एवं रसद, पंचायती राज, पशुपालन और बेसिक शिक्षा विभाग के मण्डल स्तरीय कार्यालयों में ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली को पूरी तरह लागू करने में आ रही दिक्कतों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
चारा प्रबंधन और महिलाओं के लिए रोजगार की नई पहल
बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गौवंश संरक्षण को लेकर दो बड़े फैसले लिए गए:
नेपियर घास मॉडल प्रोजेक्ट: पशुपालन और कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे चारा नीति के तहत ‘नेपियर घास’ के विकास के लिए भूमि की पहचान करें। इसके साथ ही अधिकतम गौवंश वाली बड़ी गौशालाओं में कम्पोस्ट खाद और चारा उत्पादन के लिए एक बेहतरीन तकनीकी मॉडल विकसित किया जाए।
समूह की महिलाओं को रोजगार: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें ढेंचे के बीज के उत्पादन हेतु प्रेरित और प्रशिक्षित किया जाएगा।
किसानों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर अहम फैसले
मण्डलायुक्त ने किसानों की समस्याओं को लेकर भी संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि:
तहसील स्तर पर ‘किसान सम्मान निधि’ के जितने भी आवेदन पेंडिंग हैं, उन्हें अभियान चलाकर क्लियर किया जाए।
किसानों का आधार सीडिंग कार्य जल्द से जल्द पूरा हो।
गेहूं खरीद, खाद और बीज केंद्रों पर किसानों को कोई असुविधा न हो।
गिरते भूजल स्तर को देखते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलों के उत्पादन के लिए मोटिवेट किया जाए।
मण्डल के तीनों जिलों में निर्माणाधीन पीएमश्री (PM SHRI) विद्यालयों के काम में तेजी लाकर उसे जल्द पूरा किया जाए।
इन जनकल्याणकारी योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में मण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, अभ्युदय योजना, स्वच्छ भारत मिशन, गर्भवती महिलाओं व बच्चों को पोषाहार वितरण, बाल वाटिका, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण और निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों की प्रगति की समीक्षा की और सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस उच्चस्तरीय बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त सुरेश चन्द्र केसरवानी, संयुक्त निदेशक शिक्षा राजू राणा, उप निदेशक (अर्थ एवं संख्या) एस.एन. त्रिपाठी, अपर निदेशक (पशुपालन) ए.के. सागर, उप श्रमायुक्त किरन मिश्रा, उप निदेशक (महिला कल्याण) श्रवण गुप्ता, उप निदेशक (पंचायती राज) अजय आनंद सरोज, उप निदेशक (मत्स्य) ज्ञानेंद्र सिंह, एडी बेसिक संतोष कुमार पाण्डेय और पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार सहित सभी मण्डलीय अधिकारी उपस्थित रहे।




