जी भारत न्यूज24
झांसी। कार्यक्रम में निदेशक इंजीनियरिंग प्रो डी के भट्ट ने विद्यार्थियों को नवीकरणीय ऊर्जा के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि आज इंजीनियरिंग में सोलर ऊर्जा पर शोध करके यांत्रिकी में आगे बड़ा जा सकता है जिससे छात्र आने वाले समय में सुरक्षित विस्व का निर्माण कर सकते है। वर्तमान समय में विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा सोलर एनर्जी से विश्वविद्यालय को परिपूर्ण करने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं ताकि ग्रीन एनर्जी को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जा सके.
आई आई टी बॉम्बे के पुरातन छात्र विद्युत वाहन के विशेषज्ञ इंजी सुशील रेड्डी ने विद्युत वाहन की बनावट और उसकी बचत के बारे विस्तार से बताते हुए कहा कि विद्युत गतिशीलता में वाहनों को चलाने के लिए बिजली का उपयोग शामिल है, जो जीवाश्म ईंधन के लिए एक टिकाऊ विकल्प प्रदान करता है, जिसमें इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर से लेकर बस और ट्रक तक शामिल हैं।उन्होंने बताया कि विद्युत कार में लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है जिस्मे कार चलाने कम खर्चा होता है और पर्यावरण को बो नुक़सान नहीं होता उन्होंने बताया कि इसको चार्ज करने के लिए पूरे देश में कहाँ कहाँ चार्जिंग स्टेशन हैं इसके लिए प्लगशेयर
नामक सॉफ्टवेर के इस्तेमाल से मदद ली जा सकती है विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि आज के युग में ईधन और उससे hहोने वाले प्रदूषण से कई समस्या हो रही है जिसे कम करने के लिए इलेक्ट्रिक कार स्कूटर का इस्तेमाल करना अति आवश्यक है यह टिकाऊ परिवहन का एक प्रमुख घटक है, जिसका उद्देश्य उत्सर्जन और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करना है. कार्यक्रम में अधिष्ठाता अभियांत्रिकी प्रोफेसर म सिंह जी के द्वारा वर्तमान समय में जिओ फॉसिल के विभिन्न प्रकार के प्रयोग और उनके आने वाले समय में समाप्त होने की स्थिति में विश्व संकट से बचने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी की आवश्यकता पर विस्तृत विवरण दिया
यांत्रिकी विभाग के समन्वयक डॉक्टर जितेंद्र वर्मा के द्वारा छात्र-छात्राओं के हित में विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया एवं भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कराए जाने के लिए कहा. आभार आयोजन सचिव डॉ शशिकांत वर्मा ने किया इस अवसर पे डीन इंजीनियरिंग प्रोफ एम एम सिंह , डॉ ए पी एस गौर , डॉ विशाल आर्या , डॉ राहुल शुक्ला , डॉ संदीप मिश्रा , डॉ सतेंद्र उपाध्याय , इंजी ब्रजेश लोदी इलेक्ट्रॉनिक्स के समन्वयक इंजी शशिकांत वर्मा आदि मौजूद रहे।
देवेश प्रताप सिंह राठौर, ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




