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करणी सेना राष्ट्रभक्ति है जोड़ने का काम करती है तोड़ने का नहीं………….
उत्तर प्रदेश आगरा। सपा सांसद रामजीलाल सुमन के राणा सांगा पर दिए गए आपत्तिजनक शब्दों पर जिस तरह से अपमान किया वह एक वोट बैंक की राजनीति के तहत राणा सांगा का अपमान किया राणा सांगा का इतिहास नहीं पड़ा है।सनातन संस्कृति भारतीयता की पहचान है, तथा यह धर्म, जाति से बढ़कर एक पद्धति है| श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा इस सनातन की महत्ती आवश्यकता को समझते हुए, समाज के उन विचारशील क्रांतिकारी योद्धाओं का समायोजन किया गया है। वर्तमान भारत के परिपेक्ष्य में जितनी भी समस्याएं है, उनके समाधान का मूल-मंत्र सनातन संस्कृति ही है| सनातन को हिन्दूत्व तथा स्वर्ण समाज से जोड़ने वाले भारतीय इतिहास तथा वैदिक साहित्य को ना समझने वाले ही लोग है| सनातन किसी एक जाति अथवा धर्म को बढ़ावा देने वाला ना होकर, जीवन के समग्र पहलू को नियमित करता है। जैसा कि “गीता” को युगान्तकारी माना जाता है, उसी पर आधारित सनातन है|
कालांतर में हमारे भारतीयों में एकता के अभाव तथा अति अहिंसावादि होने के कारण मुग़लों तथा अंग्रेजों के शोषण को सहना पड़ा। या यूँ कहे कि आत्मरक्षा के प्रति उदासीनता का रवैया भारतीयों के लिए घातक रहा। वर्तमान भारत में सामाजिक नैतिक मूल्यों को भारतीय सनातन संस्कृति के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को जाति, धर्म से ऊपर उठकर एकजुट होकर नवीन अखंड भारत की भावना लिए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना सामाजिक अथवा व्यक्तिगत किसी भी तरह की दुर्व्यवहार यह होने पर पूर्ण रूप से अपना विरोध प्रकट करती आयी है । राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने भारतीय सनातन धर्म को जो मानवता के चहुंमुखी विकास के लिए लाभकारी है, इसी भाव से संपूर्ण विश्व में हिंदुत्व की भावना फैलाने वाले अहिंसावादी, परोपकारी, आपसी सामाजिक प्रेम जैसी भावनाओं की विचारधारा को हमेशा समाज का आधार बताया है। करणी सेना की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी, जब कभी हिंदू जात के लोग मुसलमान पर कोई टिप्पणी कर देते हैं उनके गुरुओं पर तो वह धड़ से सर अलग करने की बात करते हैं। आज जिस तरह सपा सांसद और उनके मुखिया जिस तरह से हिंदू समाज के लिए चोट पहुंचा रहे हैं, और वह दिखाना चाहते हैं दलितों का अपमान हुआ दलित भी हिंदू हैं सनातनी है उन्हें मालूम है कि हम छले जाते हैं हम कहां पर सुरक्षित हैं, आज का हिंदू किसी भी जात का हो बहुत समझदार हो गया है, वह किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है, उसने देख लिया है हम कहां सुरक्षित थे कहां नहीं थे बेहतर समझते हैं, क्योंकि समाज ने देख लिया है कौन असली है कौन नकली है, किसके चेहरे में कथनी करनी में क्या फर्क है यह हिंदू समाज सभी सनातनी लोग समझ चुके हैं। करणी सेना देश के जितने भी राजपूत हैं और अन्य जाति के भी लोग सब इसमें जुड़े करणी सेना को मजबूत करें और अपने समाज को और अन्य लोगो की रक्षा करे इसके लिए हर व्यक्ति को करणी सेना के साथ देने की जरूरत है। करणी सेना जोड़ती है धर्म को तोड़ती नहीं है सनातनी धर्म को जोड़ने का काम करनी सेना करती है और सभी जात के हिंदू समाज के लोग इस बात को बेहतर समझते हैं। विपक्ष का जाति का जो नाटक फैलाने का कार्य चल रहा है इसमें वह सफलता नहीं पा पाएंगे।……… संसद में राणा सांगा पर दिए गए एक बयान ने राजनीति में हलचल मचा दी है,इसमें राणा सांगा पर आरोप लगाया गया है कि वो बाबर को भारत लेकर आए थे, जबकि इस बात को लेकर इतिहासकार ही दो खेमों में बंटे हैं,इतिहास के पन्नों को खंगालें तो पता चलता है कि राणा सांगा महान योद्धा थे, वो मेवाड़ के शासक महाराणा रायमल बेटे थे, राणा सांगा तीन भाई थे, महाराणा रायमल ने ही उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था, 1508 में वो मेवाड़ की सत्ता पर बैठे, उन्होंने 100 से अधिक लड़ाईयां लड़ी और जीत हासिल की, इन युद्धों के कारण ही उनके शरीर पर 80 से अधिक घाव थे।
देवेश प्रताप सिंह राठौर,ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




