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झांसी, उत्तर प्रदेश | 29 जून 2026
उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर ‘वृक्षारोपण जन अभियान 2026’ की शुरुआत होने जा रही है। कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में जिलाधिकारी (DM) श्री गौरांग राठी की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरणीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष जनपद को 01 करोड़ 02 लाख से अधिक पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य मिला है, जिसे समय रहते पूरी कार्ययोजना के साथ पूरा किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि वृक्षारोपण में उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य करने वाले विभागों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
मियांवाकी पद्धति से सघन वन और ‘मिशन छाया’ की तैयारी
जिलाधिकारी ने राजस्व, लोक निर्माण (PWD), विद्युत, परिवहन, पुलिस, रक्षा विभाग और स्थानीय नगर निकायों को अपनी भूमि और आवंटित लक्ष्य के अनुसार मियावाकी पद्धति (Miyawaki Method) से सघन वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए हैं।
विशेष वाटिकाएं और थीम आधारित वन:
मिशन छाया: लोक निर्माण विभाग और ग्राम प्रधानों के सहयोग से सड़कों व चकरोडों के किनारे छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे।
कपि वन: बंदरों व अन्य जीवों के लिए अनुकूल इस वन में मुख्य रूप से आम, जामुन और विभिन्न प्रकार के फलदार वृक्ष रोपे जाएंगे।
पोषण वाटिका: कुपोषण को दूर करने के उद्देश्य से इन वाटिकाओं में पोषक तत्वों से भरपूर सहजन (Drumstick) के पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवा वन और वन्दे मातरम् वाटिका का भी रोपण किया जाएगा।
अमृत सरोवर और गोशालाओं में होगी बायोफेंसिंग
जमीन को अवैध कब्जों से बचाने और पौधों की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी ने एक बेहतरीन रणनीति तैयार की है:
ग्राम सभा की जमीनों, नहरों और अमृत सरोवरों के किनारे वृक्षारोपण के साथ-साथ बायोफेंसिंग (जैव-बाड़ लगाना) कराई जाएगी।
जनपद की अनुबंधित 67 गोशालाओं की भूमि पर भी बायोफेंसिंग के माध्यम से सघन वृक्षारोपण कराया जाएगा।
पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए गड्ढों में गोबर की खाद और आवश्यक उर्वरकों का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
खनिज पट्टाधारकों के लिए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने खनन क्षेत्र के पट्टाधारकों (Mining Lease Holders) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने आवंटित खनन क्षेत्रों में मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण करें और आस-पास अनिवार्य रूप से सहजन के पेड़ लगाएं।
पारदर्शिता के लिए ‘फोटोग्राफी’ अनिवार्य, युवक मंगल दल का मिलेगा साथ
अभियान में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि “वृक्षारोपण स्थल पर कार्य शुरू होने से पूर्व, कार्य के दौरान और वृक्षारोपण पूरा होने के बाद” की फोटोग्राफ्स (Geo-tagged Photos) अवश्य ली जाएं। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान को जनांदोलन बनाने के लिए युवक मंगल दल की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री संतोष कुमार ने बताया कि वन विभाग की पौधशालाओं (Nurseries) में लक्ष्य के अनुसार 83 विभिन्न प्रजातियों के पर्याप्त पौधे पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने हिदायत दी है कि पौध ढुलान (परिवहन) के समय पूरी सावधानी बरती जाए ताकि पौधों को कोई क्षति न पहुंचे।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पल्लवी मिश्रा, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, एसीएमओ डॉ. अंशुमान तिवारी, एआरटीओ एस.के. अग्रवाल, डीसी मनरेगा शिखर कुमार श्रीवास्तव, जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सौम्या अग्रवाल, श्री आयुष रवींद्र भारती सहित उद्यान, विद्युत, सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के तमाम जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर: देवेश प्रताप सिंह राठौर, झांसी (उत्तर प्रदेश)




