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उन्नाव | 28 अप्रैल 2026 राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मंगलवार को ब्लॉक बिछिया स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जमुका में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में फाइलेरिया रोगियों को रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता उपचार (MMDP) का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ 24 मरीजों को एमएमडीपी किट भी वितरित की गई।
साफ-सफाई का लाइव प्रदर्शन
पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म (PSP) की सदस्य और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) रेशू सिंह ने फाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल का सजीव प्रदर्शन किया। उन्होंने मरीज वीरेंद्र तिवारी के पैर की सफाई करते हुए किट में मौजूद साबुन, बाल्टी, तौलिया, क्रीम और टब के सही इस्तेमाल के बारे में बताया।
साफ-सफाई के मुख्य टिप्स:
साबुन को सीधे प्रभावित अंग पर न लगाएं, पहले हाथों में रगड़कर फेना बना लें।
हल्के हाथों से फेना लगाएं और साफ पानी से धोकर तौलिये से सुखाएं।
घाव होने पर एंटी-सेप्टिक क्रीम का प्रयोग करें।
सूजन कम करने के लिए नियमित व्यायाम करें।
जागरूकता में PSP की भूमिका सराहनीय
CHO रेशू सिंह ने बताया कि NQAS असेसमेंट के दौरान संचारी रोगों (फाइलेरिया और टीबी) के लक्षणों और उपचार की जानकारी साझा करने में पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म (PSP) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे न केवल असेसमेंट टीम प्रभावित हुई, बल्कि समुदाय में स्वास्थ्य गतिविधियों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
मच्छरजनित बीमारियों और टीबी पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने के उपाय बताए गए। साथ ही, टीबी और कुष्ठ रोग के लक्षणों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उपलब्ध जांच सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के जोनल कोऑर्डिनेटर राहुल, मलेरिया निरीक्षक सुचिता अग्निहोत्री, ग्राम प्रधान विजय शंकर, कोटेदार कल्पना, आशा संगिनी शालिनी मिश्रा, पंचायत सहायक रितु चौधरी सहित CFAR, PCI के प्रतिनिधि और भारी संख्या में मरीज उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
स्वास्थ्य विभाग की यह पहल फाइलेरिया से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती है। सही देखभाल और समय पर व्यायाम न केवल दिव्यांगता को रोकता है बल्कि मरीज के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करता है।




