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मथुरा। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा- यमुना अविरल नहीं होगी तब तक कोटवन में नहीं करेंगे कथा
जगतगुरु रामानंदाचार्य श्री रामभद्राचार्य के शिष्य और तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास को वृंदावन स्थित छत्तीसगढ़ कुंज का महंत बनाया गया। प्रमुख साधु संतों की मौजूदगी में आचार्य रामचंद्र दास को महंताई की चादर ओढ़ाई गई। इस अवसर पर जगतगुरु रामानंदाचार्य रामभद्राचार्य का अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संतो का विशाल समागम देखने को मिला।
समारोह में श्री पंच हरि व्यासी महानिर्वाणी निर्मोही अखाड़ा, ज्ञान गुदड़ी, छत्तीसगढ़ के महंत गोपी कृष्ण दास द्वारा छत्तीसगढ़ कुंज की चादरपोसी जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास को की गई ।
संतों ने दिया आशीर्वाद
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध भजन गायक चित्र विचित्र के भजनों से किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी संतो ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। जिसमें मुख्य रूप से गुरु कर्षिणी शरणानंद, अयोध्या हनुमानगढ़ी के श्रीमहंत धर्मदास महाराज, महंत गौरी शंकर महाराज, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज, राम कथा प्रवक्ता विजय कौशल महाराज, साध्वी ऋतंभरा, सुतीक्ष्ण दास जी महाराज, भागवत प्रवक्ता कृष्ण चंद्र ठाकुर, हेमकांत शरण महाराज, मिथिला कुंज के किशोरी शरण महाराज, गौरी गोपाल के अनिरुद्ध आचार्य महाराज, कौशिक जी महाराज, प्रकाशनंदपुरी, श्याम सुंदर गौतम के साथ- साथ साथ महामंडलेश्वर संत महंतों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए एवं रामचंद्र दास महाराज को अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं भी दी।
यमुना के लिए अब भाषण नहीं काम करना होगाः जगतगुरु रामभद्राचार्य
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कोटवन में जगतगुरु रामभद्राचार्य जी के द्वारा राम कथा करने का निवेदन किया। इसके उत्तर में महाराज श्री द्वारा सीधा कहा गया कि जब तक यमुना जी शुद्ध नहीं हो जाती तब तक वह वहां कथा नहीं करेंगे। केवल भाषण देने से काम नहीं चलेगा अब काम करके दिखाना पड़ेगा। उनकी बात को सुनकर उपस्थित संतों ने यमुना मैया का जयकारा लगा दिया।
राधा भाभी ने की कृपा
सभी के उद्बोधन के बाद जगतगुरु रामभद्राचार्य जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री राधा रानी उनकी भाभी है। उन्होंने उनसे विनती की थी कि यदि ब्रज में सेवा करवाना है तो ऐसी व्यवस्था करें कि बृजवासियों की सेवा करने का मौका मिले। तो उन्होंने यमुना जी के किनारे छत्तीसगढ़ कुंज की व्यवस्था कर दी। अब यहां बच्चों की शिक्षा से लेकर संतो की प्रसाद सेवा एवं समाज के हित के लिए विभिन्न प्रकार के कार्य किए जाएंगे जिससे बृजवासियों को भी इसका फायदा मिलेगा।
साधु संतों ने ओढ़ाई चादर
इसके बाद ठाकुर मथुरा मल्ल मंदिर के प्रांगण में चादरपोशी का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। जिसमें चतुः संप्रदाय तीनों अनि अखाड़े के तीर्थ पुरोहित शरद बिहारी, सुभाष गौड़, गिरधर गोपाल, मयंक महाराज के द्वारा चादरपोसी संपन्न कराई गई।
जिसमें ब्रज एवं आसपास के क्षेत्र से आए संतों महंतों एवं महामंडलेश्वरों ने श्री रामचंद्र दास महाराज को चादर ओढ़ाकर उनकी महंताई की।
कार्यक्रम के अंत में आचार्य रामचंद्र दास ने सभी आए हुए संतों महंतों का धन्यवाद ज्ञापन एवं आभार व्यक्त किया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि उन्हें ब्रज में कार्य करने का मौका मिला है। उनके द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्य किए जाएंगे जिससे कि ब्रज के सभी लोगों का इसका फायदा मिलेगा।
” मथुरा ब्यूरो चीफ प्रतीक दुबे “




