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गोहद एसडीएम ने जन संसाधन विभाग के अधिकारियों को नहर में पानी छोड़ने के दिए निर्देश
भिण्ड । गोहद क्षेत्र को धान का कटोरा कहा जाता है इस समय धन रोपण का समय चल रहा है। शुरुआती दौर में अच्छी बारिश होने के चलते किसानों ने धान रोपण की तैयारी कर ली परंतु कुछ दिनों से बारिश न होने के चलते किसान धान की फसल नहीं लगा पा रहा है और नहरों में भी पानी नहीं छोड़ा गया है, नहरों में पानी न छोड़ने के कारण धान रोपण का कार्य रुका हुआ है इसी के चलते किसान कांग्रेस के नेता सरदार मलकीत सिंह सिंगाड़िया के नेतृत्व में विधायक केशव देसाई को साथ लेकर जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री अंजुल दोहरे को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही गोहद विधायक केशव देसाई के नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम पराग जैन से भी मिला है। इस दौरान एसडीएम ने तत्काल जन संसाधन विभाग के अधिकारियों को फोन लगाकर बीएमसी नहर में पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं। सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि इस समय क्षेत्र के लगभग 35 से 40 गांव के किसान 10,000 हेक्टेयर जमीन में धान रोपड़ के लिए अपनी-आपनी जमीनों को तैयार कर चुके हैं, परंतु अचानक बरसात रुकने के कारण धन रोपण का कार्य रुका हुआ है पिछले वर्षों में 15 जुलाई तक नहरों में पानी छोड़ दिया जाता था परंतु इस वर्ष 18 जुलाई जीतने के पश्चात भी अभी तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। क्षेत्र के अधिकतर किसान नहरों से सिंचाई कर अपने अपने खेतों में धान की फसल रोपण कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। क्षेत्र में हजारों किसान कृषि पर निर्भर हैं। इस समय अचानक वारिस रूक जाने के कारण किसानों को धान की बोनी करने में काफी परेशानी आ रही हैं। वर्तमान समय में सभी किसानों ने अपनी-अपनी नर्सरी तैयार कर ली है। अगर ऐसी स्थिति में तैयार नर्सरी को एक, दो दिन के अन्दर पानी समय पर नहीं मिलता है तो सभी किसान अपनी धान की फसल तैयार कर लेंगे। अन्यथा तैयार नर्सरी का बचना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन सौंपते वालों में सरदार मलकीत सिंह, सरदार रविंद्र सिंह बराड़, शैलेंद्र सिंह गुर्जर, जसवीर सिंह जसा, जितेंद्र सिंह, अनूप जाटव, गोरख सिंह, अरविंद सिंह आदि दो दर्जन से अधिक किसान मौजूद रहे।
नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों ने ईई को ज्ञापन सौंपा




