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उत्तर प्रदेश झांसी। के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के गुरु नानक खालसा इंटर कॉलेज के सामने मलिन बस्ती पर नगर निगम का बुलडोजर चल गया। यहां रहने वाले परिवारों ने यह कहकर विरोध किया कि उन्हें यहां रहते हुए 27 साल हो गए हैं, इसी पते से वोट दिया। यहीं का राशनकार्ड है लेकिन अब अचानक बेघर कर दिया गया है। जब यहां बुलडोजर चल रहा था तो एक अधेड़ अपनी झोपड़ी पर चढ़कर तिरंगा फहराने लगा कि शायद उसकी झोपड़ी बच जाए। लेकिन कार्रवाई जारी रही।
मंगलवार को शाम के समय मलिन बस्ती में सबकुछ सामान्य चल रहा था। इसी दौरान नगर निगम का अतिक्रमण निरोधी दस्ता बुलडोजर लेकर यहां पहुंचा, स्थाई और अस्थाई कमरा, झोपड़ी बना कर रह रहे परिवारों से उन्हें खाली करने को कहा। परिवारों के बाहर आते ही बुलडोजर से ये सभी अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया गया। घर टूटता देख महिला और बच्चों ने विरोध किया, खालसा स्कूल से आईटीआई की ओर जाने वाले रास्ते पर जाम लगाने की कोशिश भी की लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया। लोगों का कहना था कि वह पहले किले की तलहटी में झोपड़ी बनाकर रहते थे। जब वहां से उन्हें हटाया गया तो यहां चूना डालकर उन्हें अपना घर बनाने के लिए जमीन दी गई थी। 27 साल से वह यहीं रह रहे हैं। आजतक कोई भी यहां हटाने नहीं आया। बोले कि हम लोगों को इतनी भी मोहलत नहीं दी गई कि वह कहीं और अपना सिर छिपा सकें। उनका कहना है कि पूरी बस्ती में लगभग पांच सौ परिवार रहते हैं, जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ने जाते हैं। अब उन्हें बेघर कर दिया गया है।
सबके पास हैं आधार, वोटर और राशन कार्ड
मलिन बस्ती में रह रहे लोगों ने अतिक्रमण हटाने जाने का विरोध करते हुए अपने स्तर पर कई तर्क देकर खुद को सही साबित करने की कोशिश भी की। उनका कहना है कि जिस झोपड़ी को अवैध बताकर तोड़ा जा रहा है, उस झोपड़ी के पते पर उनका आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड तक बना है। लेकिन अब उन्हें अवैध बताकर यहां से भगाया जा रहा है।
बोले, नेता वादा कर के गए थे जहां रह रहे वही तुम्हारा है
जिन लोगों की झोपड़े नगर निगम के बुलडोजर से ध्वस्त किए जा रहे हैं। उनका गुस्सा अब जन प्रतिनिधियों पर भी फूट रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेता हमारे पास वोट मांगने आए थे। जब उन्होंने नेताओं से घर की बात की तो उनका कहना था कि जहां अभी रह रहे हो, वही तुम्हारा है।
दिव्यांग को दिया दो दिन का समय
जिस बस्ती में बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है, वहीं एक दिव्यांग महिला भी रहती है। जब बुलडोजर उसके झोपड़े तक पहुंचा तो महिला ने अधिकारियों को अपना हाल बताते हुए कार्रवाई न करने की गुहार लगाई लेकिन, उनका कहना था कि सभी अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। हालांकि, महिला को अपना सामान समेटने के लिए 2 दिन का समय दिया गया है।
बस्ती के लोगों ने महिला पर लगाया आरोप
मलिन बस्ती में रह रहे लोगों ने वहीं की एक महिला पर बुलडोजर की कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उक्त महिला हम गरीबों की आड़ लेकर अपना होटल बनाना चाहती थी। उसने अपना मकान भी यहां बना लिया था, जिसे नगर निगम ने ध्वस्त कर दिया। इसी बात को लेकर अब वह शिकायत कर हम लोगों को यहां से हटाना चाहती है। वहीं, इस पूरे मामले पर जब मीडिया ने जिम्मेदार अधिकारी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो उन्होंने अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
देवेश प्रताप सिंह राठौर, ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश




