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बांगरमऊ (उन्नाव)। बढ़ते साइबर अपराधों के दौर में उन्नाव की साइबर क्राइम टीम ने अपनी तकनीकी कुशलता और त्वरित कार्रवाई का एक शानदार उदाहरण पेश किया है। ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए एक पीड़ित युवक के खाते से उड़ाई गई बड़ी रकम में से ₹1,87,000 की धनराशि पुलिस ने वापस करा दी है। इस कामयाबी से न केवल पीड़ित का अपनी डूबी रकम पर भरोसा लौटा, बल्कि आम जनता में भी साइबर पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
झांसे में लेकर खाते से साफ कर दिए थे करीब ढाई लाख रुपये
मामला बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मदार नगर का है। यहाँ के निवासी अमन कुमार पुत्र राम किशोर शातिर साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार हो गए थे। जालसाजों ने धोखाधड़ी करते हुए अमन के बैंक खाते से कुल ₹2,37,954 पार कर दिए थे।
मेहनत की इतनी बड़ी कमाई अचानक गायब होने से पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। इसके बाद पीड़ित ने बीते 1 अप्रैल को बांगरमऊ कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई थी।
कोतवाल की तत्परता और साइबर टीम की दो महीने की कड़ा परिश्रम लाया रंग
मामले की गंभीरता और बड़ी रकम को देखते हुए बांगरमऊ कोतवाल अखिलेश चंद्र पाण्डेय ने बिना वक्त गंवाए जांच तत्काल साइबर क्राइम टीम को सौंप दी।
तकनीकी पड़ताल: साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला और जिस गेटवे या बैंक के जरिए ट्रांजैक्शन हुआ था, उन्हें ट्रेस किया।
लगातार पत्राचार: टीम ने संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से लगातार पत्राचार (कॉर्डिनेशन) कर ठगी गई रकम को होल्ड कराया।
मिली बड़ी सफलता: करीब दो महीने की कड़ी मशक्कत और लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार टीम पीड़ित अमन कुमार के खाते में ₹1,87,000 वापस (रिफंड) कराने में कामयाब रही।
“मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि साइबर ठगों के पास गई इतनी बड़ी रकम कभी वापस मिल पाएगी। लेकिन बांगरमऊ पुलिस और साइबर सेल की सक्रियता व ईमानदारी की बदौलत आज मेरी गाढ़ी कमाई मुझे वापस मिल गई है। मैं पुलिस प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।”
— अमन कुमार (पीड़ित युवक)
कोतवाल की अपील: सतर्क रहें, ठगी होने पर तुरंत डायल करें ‘1930’
इस सफलता पर बांगरमऊ कोतवाल अखिलेश चंद्र पाण्डेय ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल, लुभावने मैसेज या लॉटरी के झांसे में न आएं।
अपना बैंक ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI PIN) या कोई भी गोपनीय लिंक किसी के साथ साझा न करें।
गोल्डन ऑवर का रखें ध्यान: यदि दुर्भाग्यवश कोई ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें। घटना के तुरंत बाद (शुरुआती कुछ घंटों में) सूचना देने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना 90% तक बढ़ जाती है।




