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सीतापुर (उत्तर प्रदेश)।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) देवेश प्रताप सिंह राठौर द्वारा जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान समय से पहले विद्यालय बंद मिलने, शिक्षकों की अनुपस्थिति, अभिलेखों में अनिमितता और परिसर में गंदगी पाए जाने पर बीएसए ने कड़ा रुख अपनाते हुए निलंबन और वेतन रोकने की बड़ी कार्रवाई की है।
1. प्रा० वि० सुमेर (विकास खंड-बेहटा): समय से पहले बंद मिला स्कूल, शिक्षकों पर गाज
प्राथमिक विद्यालय सुमेर के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान विद्यालय निर्धारित समय से पहले ही बंद पाया गया और समस्त छात्र-छात्राएं जा चुके थे।
कार्रवाई: समय से पूर्व विद्यालय बंद करने पर उपस्थित अध्यापक निशार अहमद अंसारी एवं शिक्षामित्र मलका बानो का एक दिन का वेतन रोका गया।
अनुपस्थिति: इंचार्ज प्रधानाध्यापक अंशुल कुमार शुक्ला एवं शिक्षामित्र शिवकुमार अनुपस्थित पाए गए, जिनका एक दिन का वेतन रोकते हुए आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अन्य कमियाँ: MDM पंजिका की जाँच करने पर 20 जुलाई से कोई प्रविष्टि नहीं पाई गई और परिसर में रंगाई-पुताई का अभाव दिखा।
निर्णय: इन सभी अनियमिताओं को देखते हुए विद्यालय के समस्त शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है और 1 सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
2. प्रा० वि० ऊँचगांव: गुटबाजी और लापरवाही पर 2 शिक्षक निलंबित
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में प्राथमिक विद्यालय ऊँचगांव का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्रों से गणित के सवाल पूछे गए और एमडीएम (MDM) की गुणवत्ता जांची गई।
परिसर की स्थिति: विद्यालय में बड़ी-बड़ी घास, छतों पर जाले, लटकते बिजली के तार और सफाई की भारी कमी पाई गई। इसे 10 दिनों के अंदर सुधारने के निर्देश दिए गए।
किताबें व अभिलेख जलाने के मामले की सच आई सामने: विद्यालय में अभिलेख/पाठ्य पुस्तकें जलाने की खबर की जांच हेतु स्टाफ, रसोइया, बच्चों और SMC अध्यक्ष के बयान दर्ज किए गए। जांच में स्पष्ट हुआ कि पुराने फटे कागजात, रद्दी और सफाई का कूड़ा बाहर जलाया गया था।
गुटबाजी पर कार्रवाई: विद्यालय में चार्ज को लेकर शिक्षकों के बीच गुटबाजी पाई गई। बिना उच्चाधिकारियों को सूचित किए वीडियो वायरल कर विभाग की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई, जो छात्रहित के प्रतिकूल है।
कार्रवाई: टीम-भावना के अभाव और नकारात्मक गतिविधियों के चलते इंचार्ज प्रधानाध्यापक रणविजय सिंह एवं सहायक अध्यापक जीतपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही विद्यालय के समस्त अध्यापकों का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।
3. BEO कार्यालय बेहटा का निरीक्षण: अनुचर का वेतन रुका, BEO को नोटिस
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बेहटा के कार्यालय का निरीक्षण करते हुए उपस्थिति पंजिका की जांच की गई।
कार्यालय प्रांगण में अत्यधिक गंदगी और घास पाई जाने पर कार्यरत अनुचर अमर बहादुर यादव का वेतन रोका गया।
सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने पर BEO बेहटा को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
कार्यालय प्रांगण में संचालित आधार केंद्र का जायजा लेते हुए आम जनता से मिल रही सुविधाओं और समस्याओं की जानकारी भी ली गई।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का संदेश:
“शिक्षक टीम-भावना के साथ कार्य करें। यदि अपनी ऊर्जा एक-दूसरे के खिलाफ नकारात्मक कार्यों में लगाएंगे तो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।”




