जी भारत न्यूज24
उन्नाव। उन्नाव के लिए गर्व का क्षण तब आया जब उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष इकाई SPOT (Special Police Operations Team) के जांबाज एटीएस कमांडो आशीष दीक्षित ने नेपाल के मनांग जिले में स्थित दुर्गम हिमलुंग हिमाल पर्वत (ऊँचाई 7,126 मीटर) की चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराया। उन्होंने यह असाधारण उपलब्धि 3 नवम्बर 2025 की रात 8 बजे -25°C तापमान, भीषण ठंड और हिमस्खलन के खतरे के बीच हासिल की। यह कठिन पर्वतारोहण अभियान 15 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था।
कमांडो आशीष दीक्षित ने बताया कि हिमलुंग हिमाल की चढ़ाई उनके जीवन का अब तक का सबसे कठिन और गौरवपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने कहा “जब मैंने शिखर पर तिरंगा फहराया, उस क्षण मुझे गर्व हुआ कि यह उपलब्धि सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस बल और देश के हर नागरिक की है।”
हिमलुंग हिमाल नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट नेपर हिमाल (Peri Himal Range) का हिस्सा है। यह पर्वत अपनी दुर्गमता, ऊँचाई और अत्यधिक ठंडे मौसम के कारण हिमालय क्षेत्र की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है। इसकी चढ़ाई के लिए हर वर्ष बहुत कम पर्वतारोहियों को ही परमिट मिल पाता है, जिससे यह अभियान पर्वतारोहण समुदाय में प्रतिष्ठित माना जाता है।
आशीष दीक्षित का पर्वतारोहण करियर अनुशासन, साहस और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने पर्वतारोहण के सभी प्रमुख कोर्स पूरे किए हैं एडवेंचर कोर्स, बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स (BMC), एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स (AMC), सर्च एंड रेस्क्यू (S&R), मेथड ऑफ इंस्ट्रक्शन (MOI) और इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन (IMF) का लायजन ऑफिसर (LO) कोर्स। इन कोर्सों के चलते वे भारत के उन चुनिंदा पर्वतारोहियों में शामिल हैं जिन्हें IMF द्वारा विदेशी अभियानों के लिए अधिकृत के रूप में मान्यता प्राप्त है।
आशीष अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्वत शिखरों को फतह कर चुके हैं जिनमें
माउंट किलिमंजारो (5895 मीटर, अफ्रीका), माउंट एल्ब्रुस (5642 मीटर, रूस), कांग यात्से I एवं स्टोक कांगरी, माउंट यूनाम (दो बार), गरुड़ चोटी (उत्तराखंड), बी.सी. रॉय पीक, केदारकंठा और नाग टिब्बा प्रमुख हैं।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और वीरता को देखते हुए वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा उन्हें ‘रजत पदक’ से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वे SPOT कमांडो यूनिट, लखनऊ में फिजिकल ट्रेनर के रूप में कार्यरत हैं और पुलिस बल में फिटनेस, अनुशासन व समर्पण की प्रेरक मिसाल बने हुए हैं।
कमांडो आशीष दीक्षित का संबंध उन्नाव जनपद के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के कर्मी बिझलामऊ गांव से है। उनके पिता स्व. अवधेश दीक्षित का निधन हो चुका है, जबकि माता सुमन दीक्षित गृहिणी हैं। परिवार में एक बहन और दो छोटे भाई हैं, जिनमें अनमोल दीक्षित भारतीय वायुसेना में चंडीगढ़ में तैनात हैं। आशीष की इस असाधारण उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा जनपद और उत्तर प्रदेश पुलिस गौरवान्वित है। शुक्रवार को उनके नेपाल पहुँचे है। उनकी हिमलुंग हिमाल पर तिरंगा फहराने की यह सफलता इस बात का प्रतीक है कि अनुशासन, साहस और दृढ़ निश्चय से कोई भी ऊँचाई असंभव नहीं
रहती।




