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देवेश प्रताप सिंह राठौर वरिष्ठ पत्रकार
उत्तर प्रदेश प्रयागराज। जनपद न्यायालय ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानद गिरी के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। एडीजे पोक्सो एक्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिवत विवेचना की जाए। कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी।
शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि संबंधित आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में साक्ष्य (सीडी) भी अदालत को सौंपे गए हैं। गत13 फरवरी को आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया और सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बता दें कि आशुतोष महाराज की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर नहीं दर्ज की थी। उसके बाद उनकी तरफ से 8 फरवरी को जनपद न्यायालय में वाद दायर किया गया। अपनी शिकायत में आशुतोष महाराज ने लिखा कि उनकी ट्रस्ट की ओर से माघ मेला में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुक्ति के लिए माता शाकुंभरी देवी का महायज्ञ किया जा रहा था। इस दौरान उनके शिविर में दो नाबालिग शिष्य आए। उन दोनों ने उनका शिष्य बनने की इच्छा जाहिर की। यह भी बताया कि वो लोग वर्तमान समय जहां पर हैं, वहां
असुरक्षित हैं। दोनों बच्चों ने उनको बताया कि अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों ने उनके साथ कई बार दुष्कर्म किया। यह सब पिछले एक साल से चल रहा है।ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मामले में एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट से बड़ा आदेश सामने आया है. एडीजे पोक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने पुलिस को मामला दर्ज कर विवेचना शुरू करने का आदेश दिया हैकोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया जाएगा. शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने 173 (4) के तहत अर्जी दाखिल की थी, जिसमें एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी. आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान 13 फरवरी को अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया और सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब कोर्ट के आदेश के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी,
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने कथित घटनाओं से संबंधित सीडी भी अदालत में सौंपी है. उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिला है और वे प्रयागराज से विद्या मठ, वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे ताकि लोगों के सामने सच्चाई रखी जा सके. इस मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. फिलहाल कोर्ट के आदेश के अनुसार पुलिस अब विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेगी। सत्यमेव जयते सत्य की विजय होती है वह कोर्ट ने दिखा दिया पाप करने वाले को सजा मिलनी चाहिए।…………..स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी जी के योगी के संदर्भ में जो प्रश्न किया वह ईश्वर ने सुन लिया और हिंदू का प्रमाण मांगा वह भी भगवान ने सुन लिया और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद उन्हें यौन शोषण में कोर्ट ने जांच करने फिर fir दर्ज करने के निर्देश दिए जिसके कारण यह डर रहे थे कि मुझे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को साथ लेकर चलो तो मैं अपने कुकर्मों से बच जाऊंगा मेरे द्वारा किया गया यौन शोषण का भंडाफोड़ नहीं होगा लेकिन पाप जो होता है और पापी उसे पाप का कोई ना कोई अंश छोड़ जाता है जो उसके कुकर्मों का हिसाब करती है, वह कोर्ट ने कर दिया और बच्चों के यौन शोषण में जेल में चक्की चलानी है यह निश्चित है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जिस तरह उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दोनों के द्वारा जो वक्तव्य दिए गए उसे स्पष्ट होता है, केंद्रीय नेतृत्व का बहुत बड़ा हाथ है। क्योंकि योगी के कार्यों को पूरा देश और प्रदेश और विदेश के सभी लोग सराहने कर रहे हैं, जो केंद्रीय नेतृत्व को अच्छा नहीं लग रहा, परंतु दो डिप्टी सीएम ऐसे हैं जो अपने क्षेत्र में चुनाव भी जीतने की हैसियत नहीं रखते हैं, वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का ख्वाब देख रहे हैं, और देखना भी चाहिए सबकी इच्छा होती है, मुझे लगता है, योगी के बाद उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी समाप्त हो जाएगी अगर योगी आदित्यनाथ जी को हटाने का प्रयास किया गया कई बार केंद्रीय नेतृत्व में योगी जी को हटाने का पूरा मन बना लिया था लेकिन योगी जी के कद को देखते हुए उन्हें पीछे हटना पड़ा, और केंद्र के राष्ट्रीय नेतृत्व पूरा प्रयास कर रहा है योगी की छवि खराब हो परंतु योगी जी ने इतना जनता के दिलों में अपना स्थान बना लिया है कि भारतीय जनता पार्टी को 100 बार सूचना पड़ेगा योगी जी को हटाने के लिए और जब भी योगी जी हटेंगे मेरा विश्वास है, भारतीय जनता पार्टी की उल्टी गिनती शुरू समाप्त की ओर तेजी से बढ़ेगी इस बात को गांठ बांध ले और नोट कर ले मेरा कथन 100% सत्य साबित होगा क्योंकि अगर उत्तर प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम को केंद्रीय नेतृत्व इसी तरह बुलवाता रहा तो मुझे लगता है खुद वह अपना रास्ता जो मन में विचार है उसको पाने से वंचित हो रहे हैं और यह 100% सत्य साबित होगा , 2027 का चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी लड़ेगी और जीतेगी परंतु केंद्रीय नेतृत्व जिस तरह की छूट उत्तर प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम को दे रखी है, मुख्यमंत्री के खिलाफ भाषण देना जो अभी आचार्य के मामले में सामने आया इसे स्पष्ट होता है, केंद्रीय नेतृत्व नहीं चाहता है की उत्तर प्रदेश में तीसरी बार योगी जी की सरकार बने इसके लिए वह कोई भी नुकसान सहने के लिए तैयार बैठा है ऐसा मेरा विश्वास है। केंद्र में तीन बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी पहली बार सरकार बनी तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह थे दूसरी बार सरकार बनी तो गृहमंत्री अमित शाह हुए तीसरी बार सरकार हुई गृहमंत्री अमित शाह है और अमित शाह प्रधानमंत्री के रूप में अपने को ही रखना चाहते हैं, क्योंकि राजनाथ सिंह थे उनको किनारे कर दिया गया,उनके सामने कोई दूसरा प्रतिद्वंदी ना तैयार हो इसलिए योगी आदित्यनाथ जी के ख्यात को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, इसके लिए वह अपने स्वार्थ के लिए पूरी पार्टी को दांव में लगा रहे हैं, जो भारतीय जनता पार्टी का पतन का रास्ता सुनिश्चित करता है।




