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उत्तर प्रदेश बांगरमऊ,उन्नाव।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आसत मोहीउद्दीनपुर निवासी योगेश कुमार पाल की छह दिनों पूर्व सीतापुर जिले के पिसावां थाना क्षेत्र में लूट के बाद निर्मम हत्या कर दी गई थी और शव झाड़ियों में छिपा दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद बीते शुक्रवार की शाम शव यहां गांव लाए जाते ही परिजनों और रिश्तेदारों में चीख-पुकार मच गई। मृतक के पिता ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर से घटना का पर्दाफाश कर हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग उठाई है।
ग्राम आसत मोहीउद्दीन निवासी प्यारेलाल पाल के अनुसार उनका बड़ा बेटा योगेश 28 वर्ष अपनी पत्नी वंदना के साथ लखनऊ के थाना पारा अंतर्गत बादल खेड़ा में रहकर किराए पर अपनी अर्टिगा कार चलाता था। बीते 29 सितंबर की शाम योगेश अपनी गाड़ी किराए पर लेकर सीतापुर गया था। जहां रास्ते में किराए पर ले गए लोगों ने ही उसके हाथ रस्सी से बांध कर उसकी हत्या कर दी थी और शव पिसावा थाना क्षेत्र में घनी झाड़ियों में छिपा दिया था। पूरी रात वापस अपने घर न पहुंचने और फ़ोन स्विच ऑफ होने पर पत्नी वंदना ने लखनऊ में रह रहे अपने पिता बद्री के जरिए पारा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बीते मंगलवार को पड़ोसी ग्रामीणों ने झाड़ियों में युवक का शव पड़ा देखा तो सूचना पुलिस को दी थी। पिसावां थाना पुलिस ने अज्ञात में पंचनामा कर शव सीतापुर की मोर्चरी में रखवा दिया था और शिनाख्त के लिए फोटो सोशल मीडिया में वायरल की थी। पत्नी वंदना ने फोटो पहचानकर अपने पति योगेश कुमार पाल के रूप में शिनाख्त की थी। बीते शुक्रवार को परिजनों द्वारा सीतापुर से योगेश का शव यहां गांव आसत मोहीउद्दीन लाया गया। शव देखते ही मां राधिका दहाड़े मारकर रोने-बिलखने लगी। मृतक का छोटा भाई अनुराग और बहन अनुरागा भी परिवार के कमाऊ सदस्य योगेश की अचानक मौत से रो-रोकर बेहाल हैं। परिजनों द्वारा शुक्रवार को देर शाम क्षेत्र के नानामऊ गंगा तट शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर से हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई है।
सुभाष सिंह ब्यूरो चीफ उन्नाव




