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गोपाल बसेड़िया
पूर्व मंत्री डॉ.गोविंद सिंह ने भिंड कलेक्टर पर लगाए गम्भीर आरोप
भिण्ड । पूर्व मंत्री व पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि उन्होंने दिनांक 12/02/2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा 29/03/2024 को मुख्य सचिव म.प्र. को कलेक्टर भिण्ड द्वारा ब्लैकलिस्टेट सहकारी संस्थाओं को समर्थन मूल्य पर सरसों, गेहूँ खरीदी केन्द्र बनाने के सम्बन्ध में पत्र द्वारा अवगत करा दिया था। परन्तु शासन द्वारा कोई कार्यवाही न होने से कलेक्टर भिण्ड ने मनमाने तरीके से ऐसी सहकारी संस्थाओं एवं निजी गोदामों को गेहूँ एवं सरसों समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतु केन्द्र बनाये जो पूर्व से ब्लेक लिस्ट थी, इसके साथ- साथ जिन सहकारी संस्थाओं के स्वयं के गोदाम थे उनको न बनाकर खाद्यान्न माफियाओं से सांठगांठ कर निजी गोदामों को खरीदी केन्द्र बनाये जहां खाद्यान माफिया तथा व्यापारी उ.प्र. से सरसों खरीदकर भिण्ड जिले में आसानी से बेच सकें। इस कारण खरीदी केन्द्र जवासा एवं मछण्ड में व्यापारियों द्वारा सरसों बेचने के प्रमुख उदाहरण है।
डॉ. सिंह ने बताया कि तहसीलदार मिहोना द्वारा उ.प्र. से व्यापारियों द्वारा खरीदकर शासन द्वारा सोसायटियों को दिये गये बारदाने में भरकर 250 बोरी सरसों जो मण्डी के बाजारू मूल्य से लगभग 700/- प्रति क्विंटल अधिक समर्थन मूल्य पर मछण्ड सोसायटी पर बेचते समय दिनांक 18/04/2024 को पकडी थी। उन्होंने कहा कि कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने खाद्यान माफियाओं से सांठगांठ कर दिनांक 02/05/2024 को बिना जांच कराये सुपुर्दगी दे दी। सुपुर्द की गई सरसों जिस किसान की बताई गई थी उनके पास गोदाम भी नहीं हैं। वर्तमान में जिन सर्वे नम्बरों में सरसों उपज होना बताया है उसकी जांच क्यों नही की गई। अगर आज भी जांच कराये तो वहां सरसों न होना प्रमाणित हो जायेगा। खरीदी केन्द्र पर प्रतिदिन 25 क्विंटल से अधिक खरीदी का प्राबधान न होने पर 25 क्विंटल से अधिक 125 क्विंटल (250 बोरी) शासन द्वारा प्रदत्त बारदाने में भरकर क्यों लाई गई।
डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि किसानों के हित में अतिशीघ्र कलेक्टर भिण्ड के इस कृत्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जावे। इसके साथ-साथ पूर्व में लिखे गये तथ्यों की भी जांच कराई जाए,ताकि पूर्व से रची गई साजिश प्रमाणित हो सके।




