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झांसी। 32 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी (NCC) द्वारा आयोजित दस दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन कैडेट्स में भारी उत्साह देखने को मिला। पूरे अनुशासन के साथ कैडेट्स ने विभिन्न सैन्य, सुरक्षा और व्यक्तित्व विकास संबंधी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस कैंप का सफल संचालन कैंप कमांडेंट कर्नल अभय सिंह देव के कुशल निर्देशन में किया जा रहा है।
शारीरिक प्रशिक्षण के साथ सीखीं .22 राइफल की बारीकियां
शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत सुबह के सत्र में पीटी (शारीरिक प्रशिक्षण) से हुई, जिसके बाद कैडेट्स को ड्रिल का कड़ा अभ्यास कराया गया। सैन्य प्रशिक्षण के मुख्य सत्र में कैडेट्स को .22 राइफल की होल्डिंग, फायरिंग के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा नियमों और राइफल संचालन की बारीकियों का व्यावहारिक व कड़ा प्रशिक्षण दिया गया।
पोस्टर मेकिंग और निबंध प्रतियोगिता में दिखी रचनात्मकता
कैडेट्स के भीतर छुपी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से शिविर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया:
पोस्टर मेकिंग: कैडेट्स ने सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर बेहद आकर्षक और संदेशपरक पोस्टर बनाकर अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
निबंध लेखन: सायंकालीन सत्र में आयोजित इस प्रतियोगिता में कैडेट्स ने समसामयिक मुद्दों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार कलमबद्ध किए।
फायर फाइटिंग और आपदा प्रबंधन का मिला व्यावहारिक ज्ञान
शिविर में कैडेट्स को संकट के समय काम आने वाले ‘फायर फाइटिंग’ (अग्निशमन) विषय पर विशेष ट्रेनिंग दी गई। इसके तहत आग लगने के विभिन्न कारणों, आग की अलग-अलग श्रेणियों और अग्निशमन उपकरणों (Fire Extinguishers) के सुरक्षित व सही उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में खुद का बचाव करते हुए आग पर कैसे नियंत्रण पाया जाए, इसका व्यावहारिक तरीका भी सिखाया गया। दिन का समापन पूरी तरह अनुशासित ‘इवनिंग कॉल’ के साथ हुआ।
इनका रहा सराहनीय योगदान
इस १० दिवसीय शिविर को सफल बनाने में सूबेदार मेजर प्रेम सिंह, पीआई स्टाफ, जीसीआई ललिता शर्मा, जीसीआई मोहिनी सिंह यादव सहित विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के एएनओ (ANO) और सीटीओ (CTO) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिविर के माध्यम से देश की बेटियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और आपदा प्रबंधन जैसे कौशलों का प्रभावी विकास किया जा रहा है।
रिपोर्ट: देवेश प्रताप सिंह राठौर, झांसी




