जी भारत न्यूज24
वृंदावन। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड और उसमें 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब मथुरा का विद्युत सुरक्षा विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। इस हादसे से सबक लेते हुए विभाग ने गुरुवार को वृंदावन के वीआईपी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित होटलों व गेस्टहाउसों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा।
गुरुवार को विद्युत सुरक्षा विभाग की सहायक निदेशक निधि जादौन और उपखंड अधिकारी (SDO) संदीप वार्ष्णेय के संयुक्त नेतृत्व में टीम ने वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर, रमणरेती और चेतन विहार क्षेत्र में दर्जनों होटलों और गेस्टहाउसों की औचक जांच (Surprise Inspection) की। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय होटल व गेस्टहाउस संचालकों में हड़कंप मच गया। कई संचालक कार्रवाई के डर से मौके से खिसकते नजर आए।
जीएसएम होटल सहित कई संस्थानों को थमाया नोटिस
जांच के दौरान टीम को कई नामचीन होटलों में विद्युत सुरक्षा मानकों को लेकर भारी लापरवाही और अनियमितताएं मिलीं। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर टीम ने जीएसएम होटल (GSM Hotel) सहित कई अन्य प्रमुख संस्थानों को मौके पर ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर कमियों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो संस्थानों को सील करने और बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
बाइट (Official Statement):
“दिल्ली के मालवीय नगर में हुआ अग्निकांड बेहद दुखद है। उससे सबक लेते हुए हम वृंदावन में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर रहे हैं। विशेषकर संकरी गलियों में बने उन होटलों और गेस्टहाउसों को चिह्नित किया जा रहा है, जो सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। आज जीएसएम होटल समेत कई संस्थानों में अनियमितताएं मिलने पर उन्हें नोटिस दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, और यह चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।”
— निधि जादौन, सहायक निदेशक (विद्युत सुरक्षा विभाग)
संकरी गलियों वाले होटल रडार पर
विद्युत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, वृंदावन में हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में संकरी गलियों में बिना उचित विद्युत सुरक्षा (जैसे प्रॉपर वायरिंग, लोड मैनेजमेंट और फायर सेफ्टी एनओसी) के चल रहे होटल किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा, जिससे भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।




