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झांसी,उत्तर प्रदेश।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “जनसंवाद – सबका सम्मान, जीवन आसान” के तहत, जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लंबित शिकायतों का सजीव परीक्षण कर उनका त्वरित निस्तारण किया।
तकनीक का उपयोग और त्वरित समाधान
इस पहल के तहत आज तहसील गरौठा के ग्राम कैरोखर (थाना ककरबई) से जुड़ी एक पुरानी लंबित शिकायत को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुना गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-समस्याओं के निराकरण में पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही हो, ताकि किसी को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
आधारहीन शिकायतों पर होगी विधिक कार्रवाई
आज की सुनवाई के दौरान गरौठा तहसील के निवासी नसुल्ली (पुत्र बंटे कोरी) द्वारा की गई शिकायत की गहन जांच की गई। प्रार्थी ने आराजी संख्या-305 पर पत्थरगड्डी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
उपजिलाधिकारी गरौठा, सुनील कुमार ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि:
शिकायत का मौके पर परीक्षण करने पर वह पूरी तरह निराधार पाई गई।
शिकायतकर्ता द्वारा रंजिशन यह झूठी शिकायत की गई थी।
गौरतलब है कि प्रार्थी के विरुद्ध थाना ककरबई में पूर्व में ही गंभीर धाराओं (मु0अ0सं0-21/2023, धारा 307, 325, 324, 504, 506 भा.दं.सं.) के तहत मामला पंजीकृत है। रंजिश के चलते ही शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार आधारहीन शिकायतें की जा रही हैं।
इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने शिकायतकर्ता के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।
प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद
जिलाधिकारी ने कहा कि “सेवा-संवाद-समाधान” कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा। इससे न केवल समस्याओं के निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति आम लोगों का भरोसा भी और अधिक सुदृढ़ होगा।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, अपर जिलाधिकारी (न्याय) अरुण कुमार गौड़, एसडीएम (न्याय) मनोज कुमार और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आकाश रंजन सहित संबंधित अधिकारी व लेखपाल उपस्थित रहे।




