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वृंदावन (आनंद पचौरी): पावन नगरी वृंदावन के मुख्य जुगल घाट चौराहा स्थित परिक्रमा मार्ग पर फैले भीषण कचरे के ढेर और ढलाव घर को लेकर स्थानीय निवासियों तथा परिक्रमार्थियों में भारी रोष व्याप्त है। इस गंभीर समस्या को लेकर रचनात्मक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने शासन-प्रशासन से ढलाव घर को अविलंब हटाने और क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
दीपक पाराशर ने कहा कि यह ढलाव घर मुख्य परिक्रमा मार्ग पर स्थित है, जहाँ से प्रतिदिन हजारों की संख्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक गुजरते हैं। परिक्रमा मार्ग पर गंदगी का यह साम्राज्य श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को ठेस पहुँचाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। कचरे से उठती भीषण दुर्गंध और आवारा पशुओं के जमावड़े के कारण संक्रामक बीमारियाँ फैलने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासनिक उपेक्षा पर उठाए सवाल
उन्होंने बताया कि इस ढलाव घर को स्थानांतरित करने के लिए पूर्व में भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार जनता की मांग की अनदेखी की जाती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा श्री धाम मथुरा-वृंदावन के विकास के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं की घोषणाएँ की जाती हैं, परंतु धरातल पर बिजली, पानी, सड़क और साफ-सफाई जैसी मूलभूत समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
दीपक पाराशर ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर आने वाले सरकारी बजट का भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा बंदरबांट कर लिया जाता है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्य शून्य नजर आता है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद मुख्य धार्मिक स्थलों और परिक्रमा मार्गों की यह दुर्दशा स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
आंदोलन की चेतावनी
दीपक पाराशर ने मांग की है कि कागजी दावों से इतर प्रशासन को सबसे पहले मूलभूत जनसमस्याओं और स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यमुना घाट चौराहा स्थित इस ढलाव घर को मुख्य परिक्रमा मार्ग से जल्द से जल्द नहीं हटाया गया और सफाई की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो जनहित में उग्र आंदोलन किया जाएगा।




