जी भारत न्यूज24
भिण्ड। भारतीय सेना में 17 वर्षों तक हवलदार के रूप में देश की रक्षा करने वाले चतुर्वेदी नगर (भिण्ड) निवासी संतोष सिंह ने अब उद्यम-सेवा के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (PMFME) योजना की मदद से उन्होंने अपनी ‘वैष्णवी आयल मिल’ का उन्नयन कर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के अवसर भी पैदा किए हैं।
ऋण और अनुदान से बदला व्यापार का स्वरूप
शुरुआती दिनों में सीमित संसाधनों के कारण मिल की उत्पादन क्षमता कम थी और बाज़ार का दायरा भी सीमित था। पीएमएफएमई योजना के तहत आवेदन करने पर उन्हें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से ₹13.50 लाख का ऋण और ₹5.25 लाख का अनुदान (सब्सिडी) मिला। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने आधुनिक एक्सपेलर, फिल्टर और मोटर मशीनें लगाकर अपनी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की।
स्थानीय किसानों को लाभ और रोज़गार का सृजन
श्री सिंह ओडीओपी (One District One Product) के अंतर्गत सीधे स्थानीय किसानों से सरसों खरीदकर शुद्ध सरसों का तेल तैयार करते हैं। वे इसे खुले बाज़ार के साथ-साथ टीन के डिब्बों में पैक करके स्थानीय बाज़ारों में बेचते हैं। वर्तमान में वे इस उद्यम से ₹10 लाख की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं और 5 अन्य स्थानीय लोगों को रोज़गार प्रदान कर रहे हैं।
अपनी सफलता पर संतोष सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अत्यंत लाभकारी है।
पीएमएफएमई योजना के बारे में:
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत संचालित इस योजना में खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना व उन्नयन पर अधिकतम ₹10 लाख तक 35% अनुदान और 3% ब्याज छूट का प्रावधान है।
कैसे लें योजना का लाभ?
जिले के युवा, किसान, छोटे व्यवसायी, स्वसहायता समूह (SHG), और किसान उत्पाद संगठन (FPO) नई इकाई लगाने या पुरानी इकाई के विस्तार के लिए उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से संपर्क कर वित्तीय व तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।




