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आवेदक बीसएफ जवान ने अपने बड़े भाई से अपने पैसे देने और दुकान चलाने के लिए कहा तो बड़े भाई ने कुछ लोगों की सहायता से कर दी मारपीट
प्रार्थी ने सिटी कोतवाली एवं पुलिस अधीक्षक को दिया आवेदन
भिण्ड । प्रार्थी शैलेन्द्र शिवहरे पुत्र श्यामसुन्दर शिवहरे निवासी सुभाष नगर वार्ड नं. 31 थाना सिटी कोतवाली भिण्ड जिला भिण्ड का मूल रहने वाला है। प्रार्थी वर्तमान में बी.एस.एफ. से सेवानिवृत्त हो चुका है और वर्तमान में भिण्ड में ही निवासरत है । प्रार्थी तीन भाई व तीन बहनें हैं। सभी का विवाह भी हो चुका है। पिछले 15 वर्षों से अनवरत अपनी ड्यूटी कर रहा था और समय-समय पर अपने बड़े भाई संतोष शिवहरे को एवं अपने माता-पिता को पैसे देता रहता था, मुझ प्रार्थी का विवाह सन् 2012 में हुआ था। मेरी पत्नी, मेरे बड़े भाई एवं माता-पिता के साथ ही भिण्ड में रहती थीं, और मैं प्रार्थी बी.एस.एफ. की ड्यूटी पर रहता था । प्रार्थी के विवाह के पश्चात से ही बड़ा भाई निरन्तर घर पर झगड़ा फंसाद करता रहता था। प्रार्थी से लगभग अभी तक उसका बड़ा भाई लाखों रुपये ऐंठ चुका है,जिस कारण परिवार में भी विरोधाभाष उत्पन्न कर मेरी पत्नी एवं बच्चों को भी मुझसे अलग होना पड़ा । प्रार्थी की नौकरी का सम्पूर्ण पैसा छलपूर्वक प्रार्थी के बड़े भाई ने हड़प लिया है। प्रार्थी के बाबा के द्वारा एक पत्थर की टाल की दुकान पूर्व में बनाई गई थी । बाबा के देहान्त के पश्चात् उक्त पत्थर की टाल की दुकान प्रार्थी के पिता के द्वारा चलाई गई। उसके बाद प्रार्थी के पिता ने सन 2013 में एक अनुबंध प्रार्थी और प्रार्थी के बड़े भाई संतोष व छोटे भाई संजीव तथा चाचा का लड़का बृजकिशोर और प्रार्थी के नाम से बनाया था जिसमें बराबर हिस्से की बात हुई थी और प्रार्थी का पूरा परिवार मिल-जुलकर पूर्व में रह रहा था, लेकिन प्रार्थी के बड़े भाई ने प्रार्थी से दुकान को बड़ा करने एवं माल भरने को लेकर कई बार रुपये लिये, लगभग मेरा पूरा 2010 से 2022 तक का संपूर्ण धन छलपूर्वक हड़प लिया है तथा निरन्तर 2022 से मुझे मानसिक तौर पर प्रताड़ित भी कर रहा है।
प्रार्थी द्वारा अपने पैसों की मांग बड़े भाई से कई बार की गई, लेकिन वह आना-कानी करने लगा, अभी कुछ समय पूर्व दिनांक 03 जुलाई 2025 को प्रार्थी बी.एस.एफ. से सेवानिवृत्त होकर घर लौटा तो बड़े भाई से कहा कि पिछले 15 वर्षों से आप पत्थर की टाल की दुकान स्वयं ही चला रहे हो, और उसमें भी मेरा पैसा देने की बात पिता के द्वारा अनुबंध में कही थी, तथा आपने अभी तक मुझसे जो रूपये कई बार लिये हैं,उसके हिसाब की जब मांग की तो वह भड़क उठा और मेरे साथ मारपीट करने लगा, बड़ा भाई समझकर मैं शांत रहा ।
उक्त समस्या जब मुझ प्रार्थी ने अपने रिश्तेदारों और मित्र सहयोगियों को बताई तो इन लोगों ने कोई बात नहीं सुनी, इसमें कुछ दिन बाद प्रार्थी दुकान पर बैठ गया तो प्रार्थी के बड़े भाई संतोष शिवहरे ने दस-पन्द्रह लोगों को बुलाकर मेरा अपहरण करवाकर एक निर्माणाधीन होटल में एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा, लेकिन उस समय मेरे छोटे भाई संजीव के द्वारा पुलिस को सूचना दी गई थी, जब इन लोगों को यह सूचना मिली कि पुलिस आ रही है तो ये लोग मुझ प्रार्थी को बेरहमीपूर्वक मारते- पीटते हुए दिनेश शिवहरे के घर ले गये, जहां पर मोटे लोहे के डण्डे से जानलेवा मारपीट की गई। पुलिस ने प्रार्थी को दिनेश शिवहरे के घर से थाना ले गई और इन सभी लोगों पर मारपीट का अपराध भी पंजीवद्ध किया गया ।
प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि इन सभी लोगों ने छलपूर्वक पैसा लूटा और अपहरण कर जानलेवा हमला किया गया, लेकिन उक्त लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला भी दर्ज किया जाना न्यायोचित है ।
प्रार्थी ने आवेदन में कहा कि उक्त लोगों की दहशत एवं गुण्डागर्दी के चलते प्रार्थी बहुत ही परेशान एवं प्रताड़ित एवं भयभीत होकर डर डर कर जीने को मजबूर हैं ।
प्रार्थी ने बताया कि उसके माता-पिता बहुत ही बुजुर्ग हैं जिनकी भी कई बार बड़ा भाई मारपीट कर प्रताड़ित करता रहता है। प्रार्थी के माता-पिता डरे व सहमे हुए हैं। प्रार्थी का बड़ा भाई जो कि शिक्षक है, जिसने हमेशा परिवार के साथ छल किया है ओर सम्पत्ति हड़पने के लिए षडयंत्र रचा है।
प्रार्थी ने पुलिस अधीक्षक भिण्ड को आवेदन देकर निवेदन किया है कि उसके बड़े भाई संतोष शिवहरे तथा बहनोई दिनेश शिवहरे एवं मुकेश शिवहरे से जान और माल का खतरा है तथा इन लोगों से प्रार्थी का पैसा निकलवाया जाये तथा उक्त पत्थर की टाल को बिक्रय करने से इन्हें प्रतिबंधित कराए जाने की गुहार लगाई है ।




