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भिण्ड। जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों और जन-धन की हानि को लेकर सियासत गरमा गई है। गुरुवार को ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने विशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हनुमान मंदिर से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली
कांग्रेस जन पुरानी जेल स्थित हनुमान मंदिर के पास एकत्रित हुए, जहाँ से रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचे। यहाँ महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन अपर कलेक्टर एल.एन. पाण्डे को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए तत्काल राहत की मांग की।
आपदा से टूटा अन्नदाता: रामशेष बघेल
ज्ञापन सौंपते हुए जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि भीषण ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश ने भिण्ड के किसानों की कमर तोड़ दी है।
“प्राकृतिक आपदा में किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। कई लोगों के मकान गिर गए हैं और जनहानि भी हुई है। अन्नदाता आर्थिक रूप से टूट चुका है, लेकिन सरकार सोई हुई है।”
बघेल ने गेहूं उपार्जन की तिथियों में बार-बार हो रहे बदलाव पर भी कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि अव्यवस्थाओं के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कांग्रेस की मुख्य माँगें:
निष्पक्ष सर्वे: जिले में हुई फसल और संपत्ति की क्षति का तत्काल और पारदर्शी सर्वे कराया जाए।
सम्मानजनक मुआवजा: प्रभावित किसानों को वास्तविक हानि के आधार पर शीघ्र मुआवजा मिले।
आर्थिक सहायता: जनहानि वाले परिवारों को पर्याप्त सहायता और घायलों का निःशुल्क उपचार हो।
ऋण वसूली पर रोक: संकट को देखते हुए किसानों से ऋण वसूली की प्रक्रिया तुरंत बंद की जाए।
उपार्जन नीति: गेहूं खरीदी की तिथियां स्थिर की जाएं ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश सचिव प्रमोद चौधरी, पूर्व शहर जिलाध्यक्ष डॉ. राधेश्याम शर्मा, रामहर्ष सिंह कुशवाह, डॉ. रणवीर सिंह यादव, और मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी सहित भारी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: न्यूज डेस्क, भिण्ड




