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उन्नाव। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को जेल भेजा है, कहते है की गुनहगार कितना की शातिर क्यो न हो लेकिन अपने गुनाहों के निशान छोड़ ही जाता है और पुलिस तफ्तीश कर गुनहगारों को सलाखों के पीछे पहुँचती है ऐसा ही एक मामला उन्नाव से सामने आया है उन्नाव में सुधीर हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है। कभी जिगरी दोस्त रहे दो युवकों के बीच प्रेम प्रसंग ने खूनी मोड़ ले लिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्या में झोलाछाप डॉक्टर संदीप और उसके साथी रंजीत को गिरफ्तार कर लिया है। बता दे कि सुधीर का गांव की ही एक युवती से प्रेम संबंध था। इसी दौरान सुधीर के करीबी मित्र संदीप की भी उसी युवती से नजदीकियां बढ़ गईं। प्रेम त्रिकोण को लेकर दोनों के बीच करीब छह महीने पहले विवाद भी हुआ था। बताया जा रहा है कि संदीप गंगा बैराज के पास रहता था और बलियाखेड़ा में झोलाछाप दवाखाना चलाता था। इसी रंजिश के चलते सुधीर की हत्या की साजिश रची गई।
घटना के बाद से ही रंजीत पर शक गहराता जा रहा था। पूछताछ में कई अहम कड़ियां जुड़ीं। हत्या के बाद रंजीत जयपुर भागने की फिराक में कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक पहुंच गया था, लेकिन सुधीर की बाइक बरामद होने की सूचना मिलते ही वापस लौट आया। इसके बाद वह सुधीर को ढूंढने का ढोंग करता रहा। शराब, कॉल और कत्ल की रात पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि हत्या की रात सुधीर, संदीप और रंजीत अचलगंज शराब पीने गए थे। लौटते समय रंजीत बदरका में उतर गया। शाम करीब छह बजे तीनों फिर संपर्क में आए। सुधीर ने संदीप को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद रंजीत के मोबाइल से कॉल की गई, जिसे संदीप ने उठाया। कॉल डिटेल और बयानों के मिलान से हत्या की साजिश की पुष्टि हुई।




